रिटायर्ड जजों के पेंशन के लिए संबंधित कानूनों में बदलाव को मंजूरी - cabinet approves new pay commission for judges salary





नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय कैबिनेट की एक अहम बैठक में 15वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है. यह केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग पर भी काम करेगा. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 31 और 24 हाईकोर्ट के 1079 वर्तमान जजों के वेतन ढाई हजार रिटायर्ड जजों के पेंशन के लिए संबंधित कानूनों में बदलाव को मंजूरी दे दी. यह नया वित्त आयोग जीएसटी से हुए बदलावों को ध्यान में रखते हुए नए सिरे से केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व बांटने का नया फॉर्मूला तैयार करेगा. नया वित्त आयोग अप्रैल 2020 से लेकर अप्रैल 2025 तक काम करेगा.


कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट और 24 उच्च न्यायालयों के जजों की सैलरी को बढ़ाने का भी फैसला लिया. इससे सुप्रीम कोर्ट के 31 और हाईकोर्ट के 1079 जजों का फायदा होगा. इसके अलावा 2500 रिटायर जजों को भी पेंशन में फायदा मिलेगा. गौरतलब है कि पिछले ही दिनों सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या सरकार जजों का वेतन बढ़ाना भूल गई है? कोर्ट ने कहा था कि जजों का वेतन सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद नौकरशाहों से भी कम है. इसी को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट ने जजों के वेतन-भत्ते और पेंशन के पुनर्निधारण को मंजूरी दी. अब जजों को बढ़े हुए वेतन, भत्ते, ग्रेच्यूटी और पेंशन का लाभ 1 जनवरी 2016 से दिया जाएगा.


वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि सेंट्रल पब्लिक सेंटर एंटरप्राइजेज में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए वेतन नीति पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगा दी है. सार्वजनिक क्षेत्र के 320 सरकारी उपक्रमों के करीब 9.35 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. इस फैसले के साथ ही इन सभी सरकारी उपक्रमों में मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर बातचीत शुरू हो सकेगी.



केंद्रीय कैबिनेट ने बैंकरप्सी कानून को सख्त करने के लिए अध्यादेश को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके अलावा दिवालिया कानून में भी बदलाव किया जाएगा. कैबिनेट ने इसके लिए अपनी मंजूरी देते हुए कहा कि यह दोनों अध्यादेश संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किए जाएंगे. इस अध्यादेश के लागू होने पर दिवालिया कंपनियों के प्रमोटरों की मुश्किल बढ़ सकती है.
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