दिवालियापन के कानून में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी सरकार ने - cabinet approves ordinance on amendments in insolvency law





नई दिल्ली: सरकार ने दिवालियापन के कानून में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है. बुधवार को कैबिनेट ने बदलाव के लिए अध्यादेश लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा है. इस फैसले का ऐलान करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस कानून में बदलाव जरूरी है, इसलिए सरकार ने शीतकालीन सत्र के दौरान कानून में बदलाव करने के लिए इंतजार नहीं करने का फैसला किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में 15वें वित्त आयोग के गठन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई. जीएसटी लागू होने के बाद केंद्र और राज्यों के बीच टैक्स के बंटवारे का आयोग के पास संवैधानिक अधिकार होगा. जेटली ने कहा, 'जो नई टैक्स डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था शुरू हुई है, उसका राज्यों और केंद्र के फाइनेंस पर क्या प्रभाव पड़ता है, वह वित्त आयोग को देखना होगा. स्वभाविक है कि पुराने वित्त आयोग की तुलना में नए वित्त आयोग को थोड़ा अलग तरह से काम करना पड़ेगा.'



संसद का शीतकालीन सत्र 15 दिसंबर से 5 जनवरी के बीच होगा और सरकार ने इस दौरान कानून में बदलाव कर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी करने का भी फैसला किया है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, वेतन एवं भत्‍तों आदि में बढ़ोतरी से भारत के सर्वोच्‍च न्‍यायालय के 31 न्‍यायाधीशों (सीजेआई सहित) और उच्‍च न्‍यायालयों के 1079 न्‍यायाधीशों को फायदा मिलेगा. इसके साथ-साथ लगभग 2500 सेवानिवृत्‍त न्‍यायाधीशों को भी पेंशन/ग्रेच्‍युटी में संशोधन से फायदा मिलेगा.'


कैबिनेट ने सार्वजनिक क्षेत्र के 320 सरकारी उपक्रमों के करीब 9.35 लाख अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी. इस फैसले के साथ ही इन सभी सरकारी उपक्रमों में मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर बातचीत शुरू हो सकेगी.
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