नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लेकर दिए गए बयान पर संसद में पिछले काफी दिनों से हंगामा जारी है. आज भी संसद की शुरुआत इसी मुद्दे के कारण हंगामेदार रही. अब राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली दोपहर दो बजे इस मुद्दे पर बयान दे सकते हैं. राज्यसभा चेयरमैन ने विपक्ष और सरकार के साथ इस मुद्दे पर बात कराई. इसके अलावा राज्यसभा में भी केंद्रीय मंत्री अनंत हेगड़े के मुद्दे पर विपक्ष हंगामा कर रहा है
लोकसभा में कुलभूषण जाधव के परिवार के साथ की गई बदसलूकी का मसला भी उठा. विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस घटना पर पाकिस्तान की निंदा की. उनके अलावा विपक्षी पार्टियों ने सुषमा स्वराज के बयान की मांग की. आपको बता दें कि सुषमा स्वराज गुरुवार को मामले पर बयान देंगी.
बता दें कि मनमोहन सिंह मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव दिया ह, वहीं अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप भी जारी किया है.
कांग्रेस ने कुलभूषण जाधव मुद्दे पर पाकिस्तान से माफी की मांग की है, इसके अलावा भारत सरकार से पाकिस्तान के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग की है. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर बयान देंगी. सुषमा सुबह 11 बजे राज्यसभा, 12 बजे लोकसभा में बयान देंगी.
आपको बता दें कि सोमवार को कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी ने इस्लामाबाद जाकर उनसे मुलाकात की थी. जिसके बाद उनसे बदसलूकी की बात आई थी. इस्लामाबाद में कुलभूषण के परिवार के साथ की गई बदसलूकी पर भारत ने पाकिस्तान को कड़ी लताड़ लगाई है.
मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने कुलभूषण जाधव मुद्दे पर प्रेस कांफ्रेंस की. MEA प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों की तरफ से कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के कपड़े बदलवाए गए, प्रेस को उनके करीब आने दिया. साथ ही कुलभूषण जाधव को उनके परिवार के साथ मराठी में बात भी नहीं करने दी गई.
पाक को लताड़ लगाते हुए रवीश कुमार ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर कुलभूषण की पत्नी-मां के मंगलसूत्र, बिंदी, कपड़े तक को बदलवा दिया गया. जब भी वो कुलभूषण की मां अपने बेटे से अपनी भाषा मराठी में बात करने की कोशिश करती थी, उन्हें बार-बार टोक दिया जाता था. यहां तक की उनके जूते भी नहीं लौटाए गए.
दूसरी तरफ सत्र की शुरुआत से चल रहे पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर दिए गए बयान को लेकर बवाल अभी तक जारी है. सरकार और विपक्ष, दोनों ही राज्यसभा में मौजूदा गतिरोध को दूर करने के इच्छुक हैं और इसी कड़ी में दोनों के बीच चर्चा आखिरी दौर में है. सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने सरकार के सामने एक शर्त रखी है, अगर इस पर बात बन जाती है तो फिर बुधवार से सदन में सामान्य ढंग से कामकाज होने की उम्मीद है.
दरअसल कांग्रेस इस बात पर राजी है कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की विश्वसनीयता पर मुहर लगाते हुए सरकार की तरफ से अरुण जेटली या कोई बड़ा कैबिनेट मंत्री बयान दे, तो वो सदन चलाने को तैयार हो जाएगी. लेकिन उस दौरान सदन में पीएम मोदी भी मौजूद रहें. अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है तो फिर सदन चल जाएगा.



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