यूएस ओपन और एशियाई खेलों में से किसी एक में खेलने पर असंमजस भरी स्थिति में रोहन बोपन्ना - its difficult for rohan bopanna now as he has to choose between asian games and us open





पुणे : शीर्ष टेनिस युगल विशेषज्ञ रोहन बोपन्ना का कहना है कि इस साल दो प्रतियोगितायें यूएस ओपन और जकार्ता में होने वाले एशियाई खेलों की तारीख एक ही समय पड़ेगी जिससे इन दोनों में से किसी एक में खेलने पर फैसला करना उनके लिये असंमजस भरी स्थिति होगी. हालांकि मौजूदा फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल चैम्पियन ने संकेत दिया कि वह ग्रैंडस्लैम का बलिदान देने का विकल्प अपना सकते हैं, लेकिन ऐसा वह तभी करेंगे जब वह सत्र के अंत में होने वाले फाइनल्स में स्थान सुनिश्चित कर लेंगे.

इस साल एशियाई खेल 18 अगस्त से दो सितंबर तक इंडोनेशिया में आयोजित होंगे जबकि यूएस ओपन 27 अगस्त से नौ सितंबर तक होगा. बोपन्ना ने एशियाई खेलों के पिछले दो चरण ग्वांग्झू और इंचियोन में भाग नहीं लेने का फैसला किया था. पिछले दो एशियाई खेलों में बोपन्ना और लिएंडर पेस दोनों ही नहीं खेले थे.



हालांकि इससे भारत की पदक तालिका पर कोई ज्यादा अंतर नहीं पड़ा क्योंकि 2010 (सोमदेव देववर्मन और सनम सिंह) में देश ने पुरूष युगल स्वर्ण और 2014 (साकेत मायनेनी और सनम) ने एक रजत पदक अपने नाम किया था.

भारत ने सानिया मिर्जा और मायनेनी की बदौलत मिश्रित युगल स्वर्ण जीता था. बोपन्ना से यह पूछने पर कि वह किसे तरजीह देंगे तो उन्होंने कहा, ‘‘अब भी लंबा सफर तय करना है. कभी कभार यह निर्भर करता है कि आपकी रैंकिंग क्या है, क्या वरीयता मिली है या नहीं. यह यूएस ओपन में होगी. मुझे साल के इस समय में यह फैसला करना होगा.’’ बोपन्ना ने टाटा ओपन महाराष्ट्र के मौके पर कहा, ‘‘अंत में हम सिर्फ ग्रैंडस्लैम के लिये नहीं खेल रहे, हम लंदन मास्टर्स (सत्र के अंत में होने वाले फाइनल) के लिये भी कोशिश कर रहे हैं.’’ वह टाटा ओपन में अपने खिताब का बचाव करेंगे, उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम साल के शुरू में अच्छा कर रहे हैं तो हम लगभग वहां के लिये क्वालीफाई हो गये हैं, तभी मैं यह फैसला कर सकता हूं कि मैं ग्रैंडस्लैम में नहीं खेलूंगा.’’


यह पूछने पर कि उनके लिये इस बहुस्पर्धा वाली प्रतियोगिता में खेलना कितना अहम है जिसमें वह देश का प्रतिनिधित्व करेंगे तो बोपन्ना ने कहा, ‘‘यह व्यक्तिगत खेल है. प्रतिस्पर्धा के बावजूद देश के लिये पदक जीतना भी बहुत प्रतिष्ठा की बात है. किसी भी टेनिस खिलाड़ी के लिये ग्रैंडस्लैम भी बहुत बड़ा होता है. यह बहुत ही पेचीदा स्थिति है. इसमें कोई भी फैसला करो, फायदा नहीं होगा. मुझे दोनों में से एक का बलिदान करना होगा.’’ बोपन्ना ने पाब्लो क्यूवास से अलग होने का फैसला किया और 2018 में वह फ्रांस के एडुअर्ड रोजर-वासेलिन के साथ जोड़ी बनायेंगे.

उन्होंने कहा कि यह मुश्किल फैसला नहीं था, कूर्ग के इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘एडुअर्ड के युगल पर ध्यान से मुझे यह फैसला करने में मदद मिली. इससे काफी फर्क पड़ता है. अगर आप मास्टर्स सीरीज टूर्नामेंट और ग्रैंडस्लैम पर ध्यान लगाना चाहते हो युगल विशेषज्ञ के साथ खेलना बेहतर होता है.’’
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