बजट में रेलवे के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, सेफ्टी और सर्विसेज में सुधार की घोषणा - major announcement in rail budget 2018 for your benefit in 2018





नई दिल्ली : बजट पेश होने से पहले ही विशेषज्ञों ने उम्मीद जताई थी कि ट्रेनों के किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी लेकिन यात्री सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा. बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने रेलवे से जुड़ी कई योजनाओं की घोषणा की. ये घोषणाएं यात्रियों की सुविधाओं से जुड़ी हुई हैं. हालांकि पूरे बजट भाषण के दौरान जेटली ने किसी भी रूट पर नई ट्रेनों का ऐलान नहीं किया. बजट में रेलवे के लिए जो ऐलान किए गए हैं उनसे रेलवे के इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, सेफ्टी और सर्विसेज में सुधार आएगा. आगे पढ़िए रेलवे को बजट में जेटली की पोटली से क्या मिला और इनसे किस तरह आपका फायदा होगा.


वित्त मंत्री ने बजट में रेलवे के लिए कुल 1,48,528 करोड़ रुपए का आवंटन किया है. वहीं पिछले बजट 2017 में 1.31 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया गया था. इस हिसाब से रेलवे के बजट में करीब 13 फीसदी का इजाफा किया गया है. इस बजट का बड़ा हिस्‍सा रेलवे की सृजन क्षमता पर खर्च किया जाएगा.



यात्री सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर एक प्‍लेटफॉर्म से दूसरे प्‍लेटफॉर्म पर जाने के लिए 25,000 से ज्यादा फुटफॉल वाले स्टेशनों में स्केलेटर्स लगाएं जाएंगे. जिस स्‍टेशन 25 हजार से ज्‍यादा से ज्‍यादा यात्री आते हैं, वहां एस्केलेटर लगाए जाएंगे. इसके अलावा भी वित्त मंत्री ने बजट भाषण के दौरान कई यात्री सुविधाओं की घोषणा की.


इंडियन रेलवे स्‍टेशन डेवलेपमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा 600 प्रमुख रेलवे स्‍टेशनों को दोबारा विकसित करने का काम शुरू किया जाएगा. यात्रियों की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए सभी रेलवे स्‍टेशनों और ट्रेनों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे. रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों को वाई-फाई व सीसीटीवी से लैस किया जाएगा.



रेलवे के लिए जारी किए गए फंड का बड़ा हिस्सा पटरियों और गेज को बदलने के लिए खर्च किया जाएगा. दरअसल पिछले कुछ सालों में बढ़ी रेल दुर्घटनाओं के कारण सरकार ने बजट में सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है. नए वित्त वर्ष में 3600 किलोमीटर नई पटरियां बिछाई जाएंगी.


मुंबई की परिवहन प्रणाली का विस्‍तार किया जा रहा है और 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से 90 किलोमीटर दोहरी पटरियां जोड़ी जा रही हैं. कुछ सेंक्‍शन पर एलिवेटिड कोरिडोर बनाया जाएगा. बेंगलुरु में महानगरीय विकास की जरूरतों को पूरा करने के लिए 17,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से करीब 160 किलोमीटर के उपनगरीय नेटवर्क की योजना बनाई जा रही है. इससे लोकल सेवा को बढ़ावा मिलेगा.
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