- छात्रों ने मुख्यमंत्री केजरीवाल का पुतला फूँका
- केजरीवाल सरकार द्वारा रेगुलर और एसओएल छात्रो के बीच भेदभाव के खिलाफ जताया विरोध
![]() |
| मुख्यमंत्री केजरीवाल का पुतला फूंकते छात्र |
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) आज एसओएल छात्रो ने क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के बैनर तले सैकड़ों की संख्या में दिल्ली विश्वविद्यालय के एसओएल छात्रो ने उनको भी रेगुलर कॉलेज के छात्रो के समान ऑल-रूट बस पास दिए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया| छात्र इस मुद्दे को लेकर पहले भी मुख्यमत्री से मुलाकात कर चुके है परन्तु मांगो पर कार्यवाई न होने के कारण छात्रो को मुख्यमत्री आवास का घेराव करना पड़ा| छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा| बाद में, छात्रों ने उनके जवाब से असंतुष्टि दिखाते हुए मुख्यमंत्री का पुतला भी फूँका| ज्ञात हो कि एसओएल में पढने वाले ज्यादात्तर वह छात्र हैं जो वंचित समुदायों और घरों से आते हैं| इन छात्रों को दिल्ली परिवहन निगम द्वारा रियायती बस पास भी नहीं मुहैया कराया जाता है, जबकि दिल्ली के रेगुलर कालेजों के छात्रों को आल-रूट बस पास दिया जाता है|
ज्ञात हो कि दिल्ली सरकार का परिवहन विभाग जहाँ रेगुलर में पढ़ रहे छात्रों को ऑल-रूट बस पास की सुविधा देने के साथ-साथ एक बार में 5 महीने की वैधता का बस पास बनाने की अनुमति देता है, वहीं एसओएल छात्रों को उतने ही पैसे में सिंगल-रूट बस पास दिया जाता है और वह भी केवल एक महीने की वैधता के साथ| परिवहन विभाग के इस अतार्किक नियम और दिल्ली मेट्रो के किराये में बढ़ोतरी की दोहरी मार एसओएल छात्रों को झेलनी पड़ रही है| किराये में अत्यधिक खर्च होने के कारण परिवार से छात्रों के ऊपर क्लासेज या लाइब्रेरी न जाने का दबाव बनाया जाता है, जिससे छात्रों की पढाई को गंभीर नुकसान हो रहा है| इससे आगामी परीक्षा में ज्यादातर छात्र फेल होंगे और उन्हें अपनी पढ़ाई मध्य में ही छोड़ने को विवश होना पड़ेगा| यह साफ़ तौर पर प्रदर्शित करता है कि लम्बे-लम्बे वादे करने वाली दिल्ली सरकार उन छात्रों के साथ भेदभाव कर रही है, जो पहले से ही वंचित हैं|
ज्ञात हो कि दिल्ली विश्विद्यालय का एसओएल प्रशासन छात्रों से लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, स्टडी मटेरियल और क्लासेज आदि की फीस तो हड़प लेता है लेकिन उसके बदले में उन्हें न तो कंप्यूटर लैब की सुविधा मिलती है, न ही लाइब्रेरी की, न ही अपडेटेड स्टडी मटेरियल मिलता है| एसओएल प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैये के अतिरिक्त दिल्ली सरकार भी इन छात्रों के मुद्दों को लगातार नज़रंदाज़ करती रही है, क्योंकि वो वंचित घरों से आते हैं| उसने पिछले चुनाव में दिल्ली में और कॉलेज खोलने, और सभी छात्रों को उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने का वादा किया था, परन्तु सत्ता में आने के बाद वो भी शिक्षा में व्याप्त गैर-बराबरी को पूरी तरह प्रोत्साहित कर रही है|
मुख्यमंत्री को सौंपे गये ज्ञापन में छात्रो ने एसओएल छात्रो को भी ऑल-रूट बस पास दिए जाने की मांग की| इसके साथ ही प्रदर्शन कर रहे छात्रो ने दिल्ली सरकार द्वारा 20 नए कॉलेज खोले जाने के अपने चुनावी वादे को पूरा करने और दिल्ली सरकार के अनुदान से चलने वाले सभी कालेजो में सांध्य पाली में भी कक्षाये चलाये जाने की मांग भी उठाई| मुख्यमंत्री कार्यालय ने इन समस्याओं का संज्ञान लेकर छात्रों को इन पर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है| परन्तु, अपनी मांगें नहीं माने जाने की स्थिति ने छात्रों ने अपने आन्दोलन को और तीव्र करने का ऐलान किया है|





0 comments:
Post a Comment