- केवाईएस ने शिक्षा बचाने के लिए जनता मार्च का किया समर्थन
- शिक्षक समुदाय से देश-भर के कॉरेस्पोंडेंस छात्रों के मुद्दे उठाने का किया आह्वान
नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता ) क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) के कार्यकर्त्ता और डीयू के कॉरेस्पोंडेंस छात्रों ने आज भाजपा सरकार की शिक्षा-विरोधी नीतियों के खिलाफ मंडी हाउस से संसद मार्ग तक आयोजित संयुक्त शिक्षक-छात्र-कर्मचारी जनता मार्च का समर्थन किया| ज्ञात हो कि यह रैली उच्च शिक्षा में भाजपा सरकार की विनाशकारी नीतियों जैसे शैक्षणिक संस्थानों को पूरा अनुदान न देना, कॉलेजों को ‘स्वायत्त’ बनाना, रैंकिंग के आधार पर बाँटना और अनुदान देना, शिक्षकों को स्थायी नौकरियाँ न देकर उन्हें ठेके पर पढ़ाने को मजबूर करना, आदि के खिलाफ आयोजित की गयी थी| साथ ही, केवाईएस डूटा से आह्वान करता है कि देश-भर के कॉरेस्पोंडेंस/पत्राचार छात्रों के मुद्दों को भी इस रैली के माध्यम से उठाया जाए|
सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों को पूरा अनुदान न देने के कारण फीस बढ़ोत्तरी के चलते उच्च शिक्षा तक पहुँचने वाले कुछ छात्र भी इससे बाहर हो जायेंगे| वहीं शिक्षकों को स्थायी नौकरी न देने से आवश्यक पद भी नहीं भरे जायेंगे और कम शिक्षकों से ही ज्यादा काम कराया जायेगा| इससे पहले से ही विषम शिक्षक-छात्र अनुपात और भी ज्यादा खराब होगा| इसी तरह कुछ संस्थानों को ‘स्वयत्ता’ बनाने और रैंकिंग के आधार पर उन्हें अनुदान देने के चलते केवल उच्चस्तरीय संस्थानो को ही अनुदान दिया जायेगा, जबकि देश के अन्य संस्थानों को शिक्षा की दुकानों में बदल दिया जायेगा जिन्हें स्व वित्त-पोषित (सेल्फ-फाइनेंस) पाठ्यक्रम शुरू करके अपने संसाधन पैदा करने होंगे| इस तरह के मानदंड राजकीय और केन्द्रीय विश्विद्यालयों के बीच मौजूदा गैर-बराबरी को और भी बढ़ाएंगे| उच्च शिक्षा में पिछले सालों में छात्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी के पीछे मुख्य कारण है कि ज्यादातर छात्रों को कॉरेस्पोंडेंस/पत्राचार कोर्सों में ढकेला जा रहा है| केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा मास ओपन ऑनलाइन कोर्स (MOOC) और महानगर-स्थित विश्वविद्यालयों में दूरस्थ शिक्षा विभाग खोलने के माध्यम से शिक्षा के अनौपचारिक माध्यम को बढ़ावा दिया जा रहा है| इसका सीधा अर्थ यह है कि सरकार द्वारा अब नए कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं खोले जायेंगे और वंचित छात्रों को कॉरेस्पोंडेंस माध्यम से ही पढ़ाया जायेगा| उनकी गैर-बराबरी को दूर करने की जगह, सरकार उलटे शिक्षा से छात्रों को बहिष्कृत करने वाली नीतियाँ बना रही है|
सार्वजनिक उच्च शिक्षा व्यवस्था को बचाने के लिए केवाईएस डूटा रैली का पूरा समर्थन करता है| साथ ही, शिक्षक समुदाय से इस संघर्ष को वंचित छात्रों के उच्च शिक्षा तक पहुँचने के संघर्ष के साथ जोड़ने का आह्वान भी करता है|





0 comments:
Post a Comment