
नई
दिल्ली: केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सड़क
बनाने के तौर-तरीकों में बुनियादी बदलाव पर विचार किया जा रहा है और सड़क
अब सड़क पर नहीं, बल्कि फैक्टरी में बनेंगी. ऐसे में सड़क को फैक्टरी में
बनाया जाएगा और फिर मौके पर उसे एसेंबल कर दिया जाएगा. फैक्टरी में प्री
कास्ट फ्रेम बनाने की तैयारी चल रही है. इससे सड़कों को एसेंबल करना बहुत
आसान हो जाएगा. इससे सड़क बनाने की रफ्तार भी बहुत बढ़ जाएगी. इसके लिए
उन्होंने एक मलेशियाई कंपनी से 100 किलोमीटर सड़क परियोजना को प्रायोगिक
तौर पर बनाने के लिए कहा है.
उन्होंने बताया कि स्टील फाइबर के इस्तेमाल से निर्माण की लागत घट सकती है.
इस समय सरकार हर दिन 28 किलोमीटर सड़क बना रही है, जो कांग्रेस सरकार के
मुकाबले बहुत अधिक है. उन्होंने कहा कि आज करीब 6-7 हजार किलोमीटर सड़क
बनाने का काम सिर्फ जमीन अधिग्रहण न हो पाने के चलते रुका हुआ है. उन्होंने
कहा कि इस समय हमने जमीन अधिग्रहण की कई बाधाएं दूर की हैं और प्रक्रिया
को अधिक सरल बनाया जा चुका है. इसके साथ ही अब मंत्रालय जमीन अधिग्रहण किए
बिना किसी परियोजना का ठेका नहीं देता है. उन्होंने विश्वास जताया कि अगले
साल तक सड़क निर्माण का काम प्रतिदिन 40 किलोमीटर तक हो जाएगा.
उन्होंने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज किया गया है, निर्णाम
की लागत घटी है और साथ ही उसकी गुणवत्ता भी बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि
दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाला नया हाईवे मध्य प्रदेश, राजस्थान और गुजरात
के पिछड़े इलाकों से गुजरेगा. इससे इन इलाकों के लिए संभावनाएं बढ़ेंगी.
इस नई हाईवे से दिल्ली और मुंबई की दूरी भी करीब 120 किलोमीटर घट जाएगी.
उन्होंने कहा कि आज एनएचएआई या सड़क क्षेत्र को लेकर लोगों का भरोसा बहुत
बढ़ गया है और ऐसा उनके अच्छे कामों के चलते है. आज यहां भ्रष्टाचार नहीं
है. उन्होंने कहा कि सड़क बनाने में 10 प्रतिशत तक प्लास्टिक या रबड़ वेस्ट
का इस्तेमाल किया जाएगा. जल्द ही इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय के साथ
विचार-विमर्श करके नेटिफिकेशन जारी किया जाएगा.
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