गोपालगंज, ( सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो ) चार दिवसीय महापर्व छठ का आज उदयमान सूर्यदेव के अर्घय के साथ समापन हो गया। ब्रतधारियों व उनके परिजनों ने खुशी के साथ छठ घाटों से अपने - अपने घर आकर खुशियां मनाये और एक - दूसरे के घर प्रसाद वितरण किये।
आज पूरे देश में प्रातः 3 बजे से ही ब्रतधारीं व उनके परिजन छठ घाटों पर पहुंचने लगे थे। लोगों में खुशी का उत्साह देखते ही बनता था। ब्रतधारियों में महिलाओं के साथ पुरूष भी देखे गये। दोनों सूर्य देव के उदय के साथ ही पंक्तियों में पानी के बीच खड़े होकर अर्घय देते हुए देखे गए। कनपुरा मोड़ पर ब्रतधारियों के लिए वहां के मुखिया द्वारा क्षेत्र के घाटों पर सजावट व रंग - रोगन के साथ ही सुबह में चाय और दूघ की व्यवस्था की गई थी।
बिक्रमपुर पंचायत के मुखिया शैलेष ओझा ने भी अपने क्षेत्र के सभी घाटों पर साफ - सफाई के साथ ही आज सुबह में ब्रतधारियों के लिए चाय और दूध की व्यवस्था कर रखी थी। लाछपुर गांव के अनवर मियां ने बताया कि मुखिया शैलेष ओझा द्वारा हर वर्ष क्षेत्र के सभी घाटों की व्यवस्था की जाती है तथा ब्रतधारियों के लिए ब्रत खोलने के लिए सबसे पहले चाय और दूध की भी व्यवस्था की जाती है। उन्होंने बताया कि कई लोगों के यहां मुखिया जी के सहयोग से ही छठ पर्व मनाया जाता है। इस मौके पर क्षेत्र के मुस्लिम भाई भी बढ़ - चढ़ कर घाटों पर सहयोग करते हैं।
सवनहा गांव के घाट पर आज सुबह से ही ब्रतधारियों के साथ उनके परिजनों द्वारा डाला व कोशी लेकर पहुंचने का तांता लग गया। इस मौके पर दूर - दराज से गांव के परदेशी आते हैं ओर अपने परिजनों के साथ पर्व की खुशी मनाते है। इस बार छठ घाट गांव के पोखरा पर भारी व्यवस्था की गई थी। सुबह ही मेला जैसा माहौल दिखाई दे रहा था। चाट - पकौड़े के साथ ही जलेबी की दुकाने भी घाटों पर सज गई थी।
इस अवसर पर गांव के पुरूष ब्रतधारी उदय नारायण तिवारी ने बताया कि पिछले दो वर्ष से छठी मईया का वे ब्रत उठा रखे है ओर उसे श्रद्धा पूर्वक मनाते है। उन्होंने कहा कि पत्नी के बीमार होने के कारण उन्हें अभी ब्रत रखना पड़ता है। इसमें उन्हें बहुत ही आनन्द मिलता हैै। इसी तरह गांव के भंटू राम भी ब्रत रखे हुए थे। वे पिछले कई वर्षो से अपनी पत्नी के जगह ब्रत रख रहे है। गांव के लोगों में घाट पर उत्साह का माहौल देखा गया। बच्चे पटाखे जला रहे थे।





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