नयी दिल्ली । देशभर के विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में 13 अंकों वाली रोस्टर प्रणाली के कारण शिक्षकों की नियुक्ति में आरक्षित पदों की कटौती के विरोध में विपक्ष के हंगामे की वजह से बुधवार को राज्यसभा में कोई कामकाज नहीं हो सका और भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार तक स्थगित कर दी गयी।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने सदन को बताया कि सरकार इस मसले पर उच्चतम न्यायलय में पुनरीक्षण याचिका दायर करेगी लेकिन विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और वे नारेबाजी करते रहे। यह देखते हुए उपसभापति हरिवंश ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
सभापति एम. वेंकैया नायडू ने सुबह इसी मुद्दे पर सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी थी। भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो श्री हरिवंश ने गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू से 125 वां संविधान संशोधन विधेयक पेश करने को कहा लेकिन समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य हंगामा करते हुए सभापति के आसन के पास आ गये। वे हाथों में तख्तियां लिये थे जिनमें दो सौ अंकों वाली रोस्टर प्रणाली लागू करने की मांग की गयी थी।
रिजिजू ने शोर शराबे के बीच विधेयक पेश कर दिया, उसके बाद श्री हरिवंश ने भारतीय जनता पार्टी के भूपेंद्र यादव को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत करने को कहा। श्री यादव अपनी सीट से उठकर बोलने लगे तब विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी तेज कर दी और उन्होंने सभापति के आसन को दोनों और से घेर लिया।
श्री हरिवंश ने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे अपनी सीट पर जायें, इस बीच समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव अपनी सीट से उठकर बोलने लगे कि किस तरह 13 अंकों वाली रोस्टर प्रणाली से दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों के लोगों को आरक्षण से वंचित किया जा रहा है। इस बीच श्री जावडेकर ने कहा कि सरकार ने उच्त्ततम न्यायलय में इस मामले में विशेष अनुमति याचिका पेश की थी लेकिन अदालत ने उसे ख़ारिज कर दिया। अब सरकार अदालत में दोबारा याचिका दायर कर अदालत से अपने पिछले फैसले की समीक्षा करने का अनुरोध करेगी, लेकिन विपक्षी सदस्य शांत नहीं हुए और वे हंगामा करते रहे तब श्री हरिवंश ने कहा कि उन्हें मजबूरन सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ रही है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद उच्चतम न्यायालय ने विभाग और कालेज को इकाई मानते हुए दो सौ अंकों वाली रोस्टर प्रणाली को ख़ारिज कर दिया था और उच्चतम न्यायलय ने गत दिनों सरकार की विशेष अनुमति याचिका ख़ारिज कर इलहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था। इससे आरक्षित पदों की संख्या में कटौती हो गयी है जिससे हजारों शिक्षक बेरोजगार हो जायेंगे।



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