- कॉलेज प्रशासन का पुतला भी फूंका
- घटना के लिए जिम्मेदार कॉलेज प्रिंसिपल और पुलिसकर्मियों को तुरंत वर्खास्त करने की मांग की
विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। केवाईएस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय के आम छात्रों के साथ मिलकर गार्गी कॉलेज की छात्राओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न के विरोध में आर्ट्स फैकल्टी, नॉर्थ कैंपस पर विरोध प्रदर्शन किया। कॉलेज के वार्षिक उत्सव के दौरान छात्राओं के साथ हुए यौन-उत्पीड़न के खिलाफ छात्र-छात्राओं ने प्रतीकात्मक रूप से कॉलेज प्रशासन का पुतला भी फूंका।
उत्सव के लिए जब 6 तारीख को छात्राएँ जमा हुई थीं, तब गुंडों का एक समुह कॉलेज परिसर के अंदर घुस गया था। कई रिपोर्टों के अनुसार ये गुंडे जो कि सीएए समर्थक थे उन्होने कॉलेज के बाहर से गुजरते वक्त जबरन परिसर के अंदर घुस गए। यह बात भी सामने आई कि कि यह गुंडे शराब पीए हुए थे और छात्राओं से गाली-गलौज भी कर रहे थे।
इन लफंगे-गुंडों ने न सिर्फ छात्राओं के साथ छेड़छाड़ किया, बल्कि उन्होने छात्राओं को जबरन पकड़ा और उनका यौन-उत्पीड़न भी किया। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार छात्राओं को कमरे में और वॉशरूम में बंद कर उनके साथ छेड़छाड़ किया गया। चैंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज प्रशासन और पुलिस इस घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहे। कॉलेज प्रिंसिंपल को जब इस घटना और प्रशासन की लापरवाही के बारे में पूछा गया तब उन्होंने बहुत ही शर्मनाक बयान दिया जिसमें उन्होने प्रशासन की जिम्मेदारी को नकारते हुए कहा कि प्रशासन ने छात्राओं की सुरक्षा के पर्याप्त कदम उठाए थे और इस दुर्घटना को लेकर प्रशासन कुछ नहीं कर सकता था।
यह घटना हमें उन आक्रमणों की याद दिलाती है, जो हालिया समय में महिलाओं के साथ हुई है। एक महीने पहले जेएनयू में छात्राओं पर हुए आक्रमण पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने गार्गी प्रशासन की तरह छात्राओं की शिकायतों के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं की थी। छात्राओं के व्यापक आंदोलन के बाद प्रशासन को मजबूरन एफआईआर दायर करनी पड़ी। यह भी ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने भी इस घटना के दौरान कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि उल्टे छात्राओं पर आक्रमण करने वाले गुंडों के साथ खड़े दिखाई पड़े।
इस घटना के खिलाफ प्रदर्शनकारी छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल ने डीयू वीसी को संबोधित अपना ज्ञापन सौंपते हुए यह माँग उठाई कि गार्गी कॉलेज के प्रिंसिपल को तुरंत बर्खास्त किया जाए और कॉलेज प्रशासन के अन्य अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की कदम उठाई जाए। साथ ही उन्होंने वीसी से यह मांग की कि इस घटना के दौरान मूकदर्शक बने रहे पुलिस अधिकारियों को भी बर्खास्त करने की दिल्ली पुलिस से मांग करें। केवाईएस इस घटना की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता है। साथ ही, केवाईएस यह मांग करता है कि इस घटना से जुड़े सभी लोगों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, केवाईएस आने वाले दिनों में कैंपस के अंदर और वृहद समाज में महिलाओं के लिए सुरक्षित और उत्पीड़न-मुक्त माहौल की माँग पर अपना अभियान जारी रखेगा।





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