सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
गाजियाबाद । केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के तत्वावधान में कोरोना से बचाव के लिए ऑनलाइन विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कहा कि जबकी सरकार और प्रशासन द्वारा धीरे धीरे लॉकडाउन खोलने की प्रक्रिया चल रही है यह उनकी मजबूरी हो सकती है,लेकिन प्रत्येक व्यक्ति को जीवित रहने के लिए स्वयं ध्यान रखना होगा। अनिल आर्य ने कहा कि यह हमारी पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारी है कि हम सुरक्षा की दृष्टि से मास्क लगायें, शारीरिक दूरी का पालन करें,सुबह शाम गर्म पानी ,तीन चार कप चाय पीना, बराबर हाथ साबुन से धोना या सेनेटाइज करना आदि करें। वेशक सभी धार्मिक स्थल, मॉल,बाजार खुल रहे है लेकिन घर से तभी बाहर निकले जब अत्यंत आवश्यक हो।
राष्ट्रीय महामंत्री आचार्य महेंद्र भाई ने कहा कि इस महामारी ने हमें अचानक अनिश्चितता के दौर में भेज दिया लॉकडाउन के लिए हम शारीरिक व मानसिक रूप से तैयार नहीं थे। लॉक डाउन ने हमारे जीवन और कार्य को सकारात्मक व नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। जहां एक ओर मानसिक तनाव में घुमावदार विचार, अप्रसन्न बोरियत, क्रोध आना, नशा करना आदि बढ़ा वहीं दूसरी ओर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ा है, लोग मिलकर बातचीत करते दिखे,खेलते दिखे जिससे उनके रिश्ते ओर बेहतर बने।
प्रान्तीय महा मंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि हम योग, ध्यान, प्राणायाम द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढा सकते हैं हमें हल्के व्ययाम द्वारा शरीर को फिट रखना है यह भी एक परोपकार का कार्य होगा। प्रधान शिक्षक सौरभ गुप्ता ने कहा कि सादा व शाकाहारी भोजन इम्युनिटी बढ़ाता है, हमें मांस, अंडा, नशे और गुटके आदि का परित्याग करना चाहिए, तभी हम लंबा व स्वस्थ जीवन जी सकते है।
इस अवसर पर आनन्द प्रकाश आर्य(हापुड़), ओम सपरा, यशोवीर आर्य, सुरेंद्र शास्त्री, दुर्गेश आर्य, डॉ आर के आर्य, अरुण आर्य, धर्मपाल आर्य, प्रवीन आर्या, वीना वोहरा, देवेन्द्र भगत, यज्ञ वीर चैहान आदि ने भी अपने विचार रखे और सभी ने स्वयं को स्वस्थ रखने का संकल्प लिया ।



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