सर्वोदय शांतिदूत ब्यूरो
साहिबाबाद । साहिबाबाद थाना क्षेत्र की पुलिस चैकी शालीमार गार्डन आज दो पक्षों के बीच हुए विवाद में पुलिस चैकी युद्ध क्षेत्र बन गई। मामले को हल्का कर निपटाने का वीडियो वायरल होने से थाना साहिबाबाद पुलिस की भी फजीहत हो रही है।
जानकारी के अनुसार चैकी इंचार्ज शालीमार गार्डन की ऑफिस में एक मामले की पैरवी करने गए अधिवक्ता महकार कसाना को दूसरे पक्ष के लोगों ने गंदी गंदी गालियां दी और उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बावजूद पुलिस ने धारा 151 का मामला बनाकर आरोपी को थाने भेज दिया और वकील का रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एडवोकेट महकार कसाना शालीमार गार्डन में रहते हैं और वहां के आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष हैं। उनका कहना है कि उनके पड़ोसी सुनील कुमार विग से योगेंद्र नागर नाम के एक व्यक्ति ने एक दुकान दिलवाने की खातिर ₹21000 ले रखे हैं। इस बाबत वे पड़ोसी के आग्रह पर चैकी शालीमार गार्डन गए थे।
चैकी इंचार्ज से बात हो रही थी तभी कुछ देर बाद दूसरा पक्ष योगेंद्र नागर अपने तीन चार साथियों के साथ चैकी में पहुंचा। आरोप है कि उसने चैकी इंचार्ज के सामने वकील के साथ दुर्व्यवहार किया और गंदी गालियां दी जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में अधिवक्ता ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात की तो उन्हें शिकायत लिखने को कह दिया । लेकिन इसी बीच आरोप है कि चैकी इंचार्ज ने आरोपी को शांति भंग की धारा में गिरफ्तार करके थाना साहिबाबाद भेज दिया। इस मामले में अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने मामले को हल्का करने के लिए दूसरे पक्ष के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है और घटना को स्थल को भी पुलिस चैकी शालीमार गार्डन की बजाए गुरुद्वारे के सामने लिखा है। अधिवक्ता का आरोप है कि दूसरा पक्ष अपराधी किस्म का है और उसकी हत्या हो सकती है। इस संबंध में उन्होंने एक वीडियो भी जारी किया है जिसमें चैकी शालीमार गार्डन पर साहिबाबाद कोतवाल भी बरस रहे हैं और उनकी अनैतिक कार्रवाई पर भला-बुरा कह रहे हैं। वीडियो में थानाध्यक्ष कहते दिखरहे हैं कि शालीमार गार्डन पुलिस चैकी में पुलिसकर्मियों ने लूट मचा रखी।
क्योंकि मामला एक अधिवक्ता से जुड़ा हुआ है इसलिए और मामले की वीडियो वायरल हो चुकी है इसलिए थाना साहिबाबाद कटघरे में खड़ी है।



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