बिहार में हर साल की तरह इस साल भी बाढ़ का कहर छाया हुआ जिसमे जान मॉल दोनी की क्षति होती हैं. इस बार अनुमान लगाया जा रहा हैं कि करीब 15 हजार करोड़ की क्षति हो चुकी है. हालाँकि आपदा प्रबंधन विभाग नुकसान के आकलन में जुटा है. आकलन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा जायेगा. इसके बाद केंद्रीय टीम क्षति का जायजा लेने बिहार आयेगी. केंद्रीय टीम की रिपोर्ट पर बिहार को बाढ़ से हुई क्षति की भरपाई के लिए केंद्रीय सहायता मिल पायेगी. आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो चंद्रशेखर ने कहा कि इस बार कुसहा त्रासदी से भी अधिक क्षति हुई है और अधिक लोग पीड़ित हुए हैं.
उन्होंने कहा कि कुसहा में 1414886 करोड़ की क्षति हुई थी. इस बार 15 हजार करोड़ से अधिक की क्षति का अनुमान है. अापदा प्रबंधन विभाग के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक व्यापक पैमाने पर घरों की तबाही, 234 एकड़ जमीन में लगी फसल की बरबादी, 25 जिलों में बाढ़ के कारण सड़क, पुल -पुलिया, राजकीय उच्च पथ समेत और सरकारी भवनों की व्यापक क्षति हुई है. राज्य सरकार ने इस बाबत सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वे पांच सितंबर तक बाढ़ से क्षति का ब्योरा मुख्यालय को उपलब्ध कराएं.
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 12 जिलों में अब भी व्यापक पैमाने पर जलजमाव है. इन जिलों में जिला प्रशासन का ध्यान अभी राहत और बचाव कार्य पर है. इसलिए ऐसे जिलों से नुकसान का ब्योरा मिलने में देरी हो सकती है. सभी जिलाें से क्षति का ब्योरा मिलने के बाद ही केंद्र से ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा जायेगा. विभाग को अब तक 234 करोड़ की क्षति का ब्योरा मिल चुका है.
केंद्र को ज्ञापन के लिए तैयार ब्योरे में 25 जिलों के 134 प्रखंडाें के 3405 गांवों में बाढ़ से व्यापक क्षति, एक जून, 2016 से अब तक की बाढ़ में लगभग 60 लाख लोगों की तबाही की जानकारी दी जायेगी. फसलों की क्षति, सभी श्रेणियों के लगभग 20 हजार घरों के ध्वस्त होने, 8.70 करोड़ की सरकारी संपत्ति की क्षति के ब्योरा समेत बाढ़ से हुई अन्य क्षति की जानकारी मिली है. विभागीय अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों से क्षति का ब्योरा मिलने के साथ ही ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जायेगी.
उन्होंने कहा कि कुसहा में 1414886 करोड़ की क्षति हुई थी. इस बार 15 हजार करोड़ से अधिक की क्षति का अनुमान है. अापदा प्रबंधन विभाग के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक व्यापक पैमाने पर घरों की तबाही, 234 एकड़ जमीन में लगी फसल की बरबादी, 25 जिलों में बाढ़ के कारण सड़क, पुल -पुलिया, राजकीय उच्च पथ समेत और सरकारी भवनों की व्यापक क्षति हुई है. राज्य सरकार ने इस बाबत सभी जिलों के डीएम को निर्देश दिया है कि वे पांच सितंबर तक बाढ़ से क्षति का ब्योरा मुख्यालय को उपलब्ध कराएं.
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार करीब 12 जिलों में अब भी व्यापक पैमाने पर जलजमाव है. इन जिलों में जिला प्रशासन का ध्यान अभी राहत और बचाव कार्य पर है. इसलिए ऐसे जिलों से नुकसान का ब्योरा मिलने में देरी हो सकती है. सभी जिलाें से क्षति का ब्योरा मिलने के बाद ही केंद्र से ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा जायेगा. विभाग को अब तक 234 करोड़ की क्षति का ब्योरा मिल चुका है.
केंद्र को ज्ञापन के लिए तैयार ब्योरे में 25 जिलों के 134 प्रखंडाें के 3405 गांवों में बाढ़ से व्यापक क्षति, एक जून, 2016 से अब तक की बाढ़ में लगभग 60 लाख लोगों की तबाही की जानकारी दी जायेगी. फसलों की क्षति, सभी श्रेणियों के लगभग 20 हजार घरों के ध्वस्त होने, 8.70 करोड़ की सरकारी संपत्ति की क्षति के ब्योरा समेत बाढ़ से हुई अन्य क्षति की जानकारी मिली है. विभागीय अधिकारी ने बताया कि सभी जिलों से क्षति का ब्योरा मिलने के साथ ही ज्ञापन सौंपने की तैयारी की जायेगी.



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