गाजियाबाद ,जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने आज एम.एम.जी. राजकीय जिला चिकित्सालय के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान निरीक्षण के समय प्रातः 10ः20 बजे ड्यूटी से अनुपस्थित पाये जाने वाले 10 चिकित्सकों व नर्स का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश देते हुए कहा कि जन स्वास्थ्य जैसी शासन की कल्याणकारी योजनाओं में शिथिलता बर्दाशत नहीं की जायेगी। शिथिलता बरतने वाले अधिकारी कर्मचारी बख्शे नहीं जायेंगे। और उनके विरूद्ध शख्त कार्यवाही की जायेगी।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों, मरीजों व तामीरदारों के बीच कहा कि मानव शरीर के अन्दर अधिकांश बीमारियों की प्रमुख वजह अस्वच्छता एवं अशुद्ध खान-पान तथा दूषित पेय जल होता है। यदि स्वच्छता एवं साफ-सफाई के साथ खान-पान पर समुचित ध्यान रखा जाए तो, अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। जन स्वास्थ्य से जुड़े राजकीय चिकित्सालयों को स्वयं के परिसरों में स्वच्छता अपना कर ही आम जनता को अनेक संक्रामक बीमारियों से बचा सकते है।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जितेन्द्र कुमार त्यागी को निर्देश दिया कि वह चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। यदि सफाई कर्मियों की कमी हो तो, नए कर्मियों की तैनाती कराएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी निर्धारित कार्य घण्टों में नियमित रूप से सफाई करें और उनके सफाई कार्यो का प्रभावी ढ़गं से पर्यवेक्षण किया जाये। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय परिसर में पेय जल की टंकियों टोंटियों वाशबेसिन की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शासन से अनुमोदन की जरूरत है। मेरी तरफ से पत्रालेख प्रस्तुत करें। चिकित्सालय में चिकित्सा कार्य प्रभावी ढ़ंग से होना चाहिए। मरीजों का उपचार एवं औषधि वितरण का कार्य समय पर होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने राजकीय चिकित्सालय के परिसर, वार्डो, सभी कक्षों आदि का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड में निरीक्षण करने पर चिकित्सक ड्यूटी पर उपस्थित मिलें। मरीजों की लाइन लगी हुई थी। वाह्य रोगी कक्ष में जिलाधिकारी के निरीक्षण के समय प्रातः 10ः20 बजे तक 815 मरीजों के पर्चे बन गए थे, तथा डाॅग बाइट कक्ष में 95 मरीजों को टीके लगाए जा चुके थे। इमरजेंसी वार्ड में कल रात 08ः00 बजे से आज सुबह आठ बजे तक 12 मरीजों का आना पंजीयन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। इमरजेंसी वार्ड में आज प्रातः 08ः00 बजे से निरीक्षण के समय 10ः20 बजे तक 8 मरीज पंजीकृत हुए थे। जिलाधिकारी ने इमरजेंसी कक्ष में रात्रि काल में पूरे समय चिकित्सक नर्स एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती अनिवार्य रूप से पूरे समय करने के निर्देश दिये। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इमरजंेसी में पूरी रात चिकित्सकों व स्टाफ की तैनाती रहती है। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में व्हील चेयर व स्ट्रेचर को पुराना पाये जाने पर नई व्हील चेयर व स्ट्रेचर खरीदने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने मेडिकल व सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। सिटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान तैनात चिकित्सक ने बताया कि एक मरीज का सिटी स्कैन किया जा चुका है। अब दूसरे मरीज का सिटी स्कैन किया जाना है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महिला एवं बाल चिकित्सा वार्ड का निरीक्षण किया। पैथोलाॅजी और एक्सरे के कक्ष के निरीक्षण के दौरान सी.एम.एस. ने रेडियोलाॅजिस्ट की पोस्टिंग न होेने की बात बतायी। जिलाधिकारी ने स्थनीय स्तर पर रेडियोलाॅजिस्ट की व्यवस्थ करने के निर्देश दिये। पार्किंग समस्या के समबन्ध में सी.एम.एस. ने बताया कि स्थानाभाव के कारण कुछ समस्या है। जिलाधिकारी ने वैकल्पिक व्यवस्था खोजने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान चिकित्सकों, मरीजों व तामीरदारों के बीच कहा कि मानव शरीर के अन्दर अधिकांश बीमारियों की प्रमुख वजह अस्वच्छता एवं अशुद्ध खान-पान तथा दूषित पेय जल होता है। यदि स्वच्छता एवं साफ-सफाई के साथ खान-पान पर समुचित ध्यान रखा जाए तो, अनेक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। जन स्वास्थ्य से जुड़े राजकीय चिकित्सालयों को स्वयं के परिसरों में स्वच्छता अपना कर ही आम जनता को अनेक संक्रामक बीमारियों से बचा सकते है।
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जितेन्द्र कुमार त्यागी को निर्देश दिया कि वह चिकित्सालय परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें। यदि सफाई कर्मियों की कमी हो तो, नए कर्मियों की तैनाती कराएं। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मी निर्धारित कार्य घण्टों में नियमित रूप से सफाई करें और उनके सफाई कार्यो का प्रभावी ढ़गं से पर्यवेक्षण किया जाये। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय परिसर में पेय जल की टंकियों टोंटियों वाशबेसिन की नियमित सफाई कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शासन से अनुमोदन की जरूरत है। मेरी तरफ से पत्रालेख प्रस्तुत करें। चिकित्सालय में चिकित्सा कार्य प्रभावी ढ़ंग से होना चाहिए। मरीजों का उपचार एवं औषधि वितरण का कार्य समय पर होना चाहिए।
जिलाधिकारी ने राजकीय चिकित्सालय के परिसर, वार्डो, सभी कक्षों आदि का निरीक्षण किया। इमरजेंसी वार्ड में निरीक्षण करने पर चिकित्सक ड्यूटी पर उपस्थित मिलें। मरीजों की लाइन लगी हुई थी। वाह्य रोगी कक्ष में जिलाधिकारी के निरीक्षण के समय प्रातः 10ः20 बजे तक 815 मरीजों के पर्चे बन गए थे, तथा डाॅग बाइट कक्ष में 95 मरीजों को टीके लगाए जा चुके थे। इमरजेंसी वार्ड में कल रात 08ः00 बजे से आज सुबह आठ बजे तक 12 मरीजों का आना पंजीयन रजिस्टर में दर्ज पाया गया। इमरजेंसी वार्ड में आज प्रातः 08ः00 बजे से निरीक्षण के समय 10ः20 बजे तक 8 मरीज पंजीकृत हुए थे। जिलाधिकारी ने इमरजेंसी कक्ष में रात्रि काल में पूरे समय चिकित्सक नर्स एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती अनिवार्य रूप से पूरे समय करने के निर्देश दिये। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि इमरजंेसी में पूरी रात चिकित्सकों व स्टाफ की तैनाती रहती है। जिलाधिकारी ने चिकित्सालय में व्हील चेयर व स्ट्रेचर को पुराना पाये जाने पर नई व्हील चेयर व स्ट्रेचर खरीदने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी निधि केसरवानी ने मेडिकल व सर्जिकल वार्ड का निरीक्षण किया। सिटी स्कैन कक्ष के निरीक्षण के दौरान तैनात चिकित्सक ने बताया कि एक मरीज का सिटी स्कैन किया जा चुका है। अब दूसरे मरीज का सिटी स्कैन किया जाना है।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महिला एवं बाल चिकित्सा वार्ड का निरीक्षण किया। पैथोलाॅजी और एक्सरे के कक्ष के निरीक्षण के दौरान सी.एम.एस. ने रेडियोलाॅजिस्ट की पोस्टिंग न होेने की बात बतायी। जिलाधिकारी ने स्थनीय स्तर पर रेडियोलाॅजिस्ट की व्यवस्थ करने के निर्देश दिये। पार्किंग समस्या के समबन्ध में सी.एम.एस. ने बताया कि स्थानाभाव के कारण कुछ समस्या है। जिलाधिकारी ने वैकल्पिक व्यवस्था खोजने के निर्देश दिये।


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