राजनाथ के नेतृत्व में कश्मीर पहुंचा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल - All Party Delegation

पिछले कई दिनों से अशांत चल रहे कश्मीर घाटी में शांति बहाली के प्रयास के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल गृह मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में आज जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर पहुंचा। ये प्रतिनिधिमंडल अशांत घाटी की स्थिति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों से बातचीत कर शांति बहाली का प्रयास करेगा। इससे पहले शनिवार को दिल्ली में एक बैठक हुई जिसमें हुर्रियत से भी बात करने की मांग उठी तो जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अलगाववादी नेताओं को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में शामिल होने का न्यौता दिया।

सीएम मुफ्ती ने अलगाववादियों को लिखा खुला पत्र
मुफ्ती ने 12 से अधिक अलगावावदी नेताओं और धार्मिक संगठनों को खुला पत्र लिख कर जम्मू कश्मीर के मसले का शांतिपूर्ण ढंग से हल निकालने में सहयोग देने की मांग की है। उन्होंने अपने पत्र में कहा,' घाटी के हालात से हम अपने अपने तरीके से चिंतित है। आपकी और हमारी राजनीतिक विचारधारा भिन्न भिन्न है, इस तथ्य के बावजूद इसमें कोई शक नहीं है कि हम सब जम्मू कश्मीर के लोगों की भलाई चाहते हैं।'

सूत्रों के मुताबिक, गृह मंत्री ने कहा कि संविधान के दायरे में जो भी वार्ता के लिए आएगा हम उससे मिलने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हुर्रियत पहले ही इस दल से नहीं मिलने की घोषणा कर चुका है। इसलिए किसी को वार्ता का विशेष न्यौता नहीं दिया जाएगा और जो भी बातचीत को आएगा उसका स्वागत होगा। 

यात्रा से डेलीगेशन को उम्मीद 
आज कश्मीर रवानगी से पहले रामबिलास पासवान ने कहा कि हमलोग ओपन माइंड से जा रहे हैं, जो भी संविधान के दायरे में बातचीत करेगा हम तैयार हैं। वहीं कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमे उम्मीद है कि हम कश्मीर की समस्या का समाधान निकालने में सफल होंगे। हमारा डेलीगेशन कशमीर और देश के लिए फायदेमंद होगा। 
ऑल पार्टी डेलीगेशन के सदस्य सीताराम येचुरी ने कहा कि हमें दो महीने पहले जाना चाहिए था। उम्मीद करते हैं कि हम कुछ बदलाव ला पाएंगे।
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