बिहार रेजिमेंट के नायक के पैतृक गांव में मातमी सन्नाटा छाया - Uri attack bihar gaya family members mourn death of naik sk vidarthi

जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में रविवार की सुबह हुए आतंकी हमले में शहीद बिहार रेजिमेंट के नायक सुनील कुमार विद्यार्थी के गया स्थित पैतृक गांव बोकनारी में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है. शहीद का पार्थिव शरीर अभी गांव में नहीं पहुंचा है. वहीं, गांव में हर जगह पाकिस्तान के खिलाफ चर्चा हो रही है. लोग पाकिस्तान की कायराना हमले से काफी आक्रोशित हैं.

बिहार के गया के परैया प्रखंड के बोकनारी गांव के शहीद सुनील कुमार विद्यार्थी की वर्ष 1998 में सेना में नौकरी लगी थी. उनकी पहली पोस्टिंग दानापुर में हुई थी. उनके पिता का नाम मथुरा यादव एवं माता कुंती देवी है. मथुरा यादव के तीन लड़कों में सुनील मंझले लड़के थे. इनकी शादी वर्ष 2000 में पहाड़पुर गांव में हुई थी. इनके चार बच्चे हैं. तीन लड़की और एक 2 वर्ष का लड़का है. पत्नी बच्चों की पढाई के लिए गया के चंदौती में किराये के मकान में रहती थी.

शव का अंतिम संस्कार गया बिष्णुपद में होगा. माता पिता दोनों जीवित हैं. तीन भाई और एक बहन हैं. बोकनारी गांव गया से आठ किलोमीटर की दूरी पर है. यहां तक पहुंचने का रास्ता काफी कीचड़ भरा है. घर तक जाने में प्रशासन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
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