हरियाणा के 17 वर्षीय पहलवान दीपक पूनिया ने वर्ल्ड कैडेट चैंपियन का खिताब जीता हैं. दीपक जार्जिया में आयोजित हुई विश्व कैडेट कुश्ती चैंपियनशिप में 85 किग्रा कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया.
17 साल के दीपक ने किरगिस्तान, जॉर्जिया, यूएसए और तुर्की जैसे देशों के पहलवानों को हराकर वर्ल्ड कैडेट चैंपियन का खिताब अपने नाम किया. ये पहला मौका है जब किसी भारतीय ने 85 किग्रा हैवीवेट कैटेगरी में इस स्तर पर वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया है.
पिछले महीने जब जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप से दीपक खाली हाथ लौटे, तो उनके पिता ने उनका पसंदीदा गाय का दूध उनको नहीं दिया. उदास दीपक ने तब अपने पिता से वादा किया कि विश्व कैडेट चैंपियनशिप में वो खाली हाथ नहीं लौटेंगे. बदले में इनाम में गाय का दूध देंगे. दीपक के पिता दूध बेचने का व्यवसाय करते हैं लेकिन बेटे के दिल्ली ट्रेनिंग पर जाने के बाद अपनी जमीन की देखभाल के काम में लग गए. उनसे बेटे के मेडल मिलने के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन जब बेटे ने मेडल दिखाया तो यही कहा शाबाश. दीपक ने जूनियर एशियन में गोल्ड और एशियन कैडेट में सिल्वर मेडल जीता था.
17 साल के दीपक ने किरगिस्तान, जॉर्जिया, यूएसए और तुर्की जैसे देशों के पहलवानों को हराकर वर्ल्ड कैडेट चैंपियन का खिताब अपने नाम किया. ये पहला मौका है जब किसी भारतीय ने 85 किग्रा हैवीवेट कैटेगरी में इस स्तर पर वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया है.
पिछले महीने जब जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप से दीपक खाली हाथ लौटे, तो उनके पिता ने उनका पसंदीदा गाय का दूध उनको नहीं दिया. उदास दीपक ने तब अपने पिता से वादा किया कि विश्व कैडेट चैंपियनशिप में वो खाली हाथ नहीं लौटेंगे. बदले में इनाम में गाय का दूध देंगे. दीपक के पिता दूध बेचने का व्यवसाय करते हैं लेकिन बेटे के दिल्ली ट्रेनिंग पर जाने के बाद अपनी जमीन की देखभाल के काम में लग गए. उनसे बेटे के मेडल मिलने के बारे में पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन जब बेटे ने मेडल दिखाया तो यही कहा शाबाश. दीपक ने जूनियर एशियन में गोल्ड और एशियन कैडेट में सिल्वर मेडल जीता था.



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