ठंदिरापुरम, ( प्रमुख संवाददाता ) फेस बुक पर दोस्ती करना इंदिरापुरम की एक युवती को जी का जंजाल बन गयी। झूठ की बुनियाद पर हुई दोस्ती शादी में बदल गयी और अब थाने की सीड़ियों तक जा पहुंची है।
थाना इंदिरापुरम में रिपोर्ट लिखाने वाली एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी दोस्ती फेसबुक के माध्यम से बर्ष 2013 में गोल मार्केट, नई दिल्ली निवासी सौरभ से हुई। सौरभ ने अपने को बीटेक पास इंजीनियर बताते हुए एक निजी कंपनी में काम करना बताया था। सौरभ ने खुद को सामान्य जाति का बताया था। किरीब 10 माह की दोस्ती के बाद दिसंबर 2013 में दोनों ने शादी का फैसला लिया और घरबालों ने अरैंज मैरिज करा दी। युवती ने बताया कि शादी के छह माह बाद उसे पति की सच्चाई का पता चला। सौरभ मात्र 12वीं पास है और वह अनुसूचित जाति का है। सच्चाई की जानकारी होने पर उन्होंने इसका विरोध किया, तो ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित युवती का आरोप है कि पति और सास ससुर के अत्याचार के खिलाफ जब भी उसने पुलिस शिकायत करने के बात कही तो ससुराल वालों ने दुर्घटना करा के जान से मारने की धमकी दी।
थानाध्यक्ष इंदिरापुरम शीलेष यादव ने बताया कि युवती की शिकात पर सौरभ उसके पिता राजेश और माता सुनीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लापता हैं लाजपतराय कालेज केे प्राचार्य
साहिबाबाद, (प्रमुख संवाददाता)
लाजपत राय कालेज, के एक इलैक्ट्रिशियन की आत्महत्या के बाद से लाजपतराय कालेज के प्राचार्य लापता हो गये हैं। आत्म हत्या से पहले लिखे एक पत्र के सामने आने के बाद से कालेज के प्राचार्य गायब हो गये हैं। पत्र में प्रचार्य और प्रधान बाबू को आत्म हत्या के लिये जिम्मेदार बताया गया है।
गौरतलव है कि चार सितंबर की शाम एलआर कालेज के संविदाकर्मी रणजीत झा ने अपने घर में फांसी लगा ली थी। सुसाइड नोट में इसके लिए कालेज प्राचार्य संजयदत्त कौशिक तथा बडे़ बाबू भूदेव शर्मा को जिम्मेदार ठहराया था। छह सितंबर को पीड़ित परिवार वालों द्वारा काफी हंगामे के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। ओरोप है कि कालेज कर्मी की आत्म हत्या के प्रकरण की जांच पुलिस ने भी ठंडे बस्ते में डाल रखी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में नामजद कालेज प्राचार्य व कार्यालय अधीक्षक की गिरफ्तारी तो दूर उन्हें पूछताछ के लिये भी नहीं तलव किया है। रणजीत झा के परिजनों ने पुलिस की इस धीमी गति से चल रही जांच पर असंतोष जाहिर किया है। फिल हाल परिवार के लोग मृत आत्मा की शांति आदि के लिये किये जाने बाले संस्कार पूरे करने अपने पैत्रृक गांव बिहार गये हुए हैं। वहां से आने के बाद उनकी योजना कालेज प्रवंध समिति के सामने पेश होकर कालेज में हो रही कथित अंधेरगर्दी को बताने तथा पुलिस के बड़े अधिकारियों से शिकायत कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखेंगे।
आत्म हत्या प्रकरण से कालेज प्रवंध समिति पर भी अंगुलियां उठ रहीं हैं कि आखिर शिक्षा के मंदिर में ये हो क्या रहा है? यहां यह भी गौर तलब है कि कालेज के प्रवंधक पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ हैं तथा अव र्पीिड़त परिवार का केबल प्रवंध समिति पर ही भरोसा बचा है कि वह क्या फैसला लेती है? रणजीत के भाई रणधीर झा ने बताया कि वे लोग शनिवार सुबह बिहार से वापस आ जाएंगे। उसके बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करेंगे। उनका आरोप है कि पुलिस शुरुआत से ही मामले को दबाने में लगी रही है। काफी हंगामा करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तहरीर हाथों में थामी फिर रिपोर्ट लिखने में घंटों लगा दिये।
दूसरी ओर थानाध्यक्ष साहिबाबाद सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुरूआती पूछताछ की गयी है तथा सारे मोले को समझ कर विधिक कार्यवाही की जायेगी। शिथिलता नहीं बरती जायेगी।
थाना इंदिरापुरम में रिपोर्ट लिखाने वाली एक युवती ने पुलिस को बताया कि उसकी दोस्ती फेसबुक के माध्यम से बर्ष 2013 में गोल मार्केट, नई दिल्ली निवासी सौरभ से हुई। सौरभ ने अपने को बीटेक पास इंजीनियर बताते हुए एक निजी कंपनी में काम करना बताया था। सौरभ ने खुद को सामान्य जाति का बताया था। किरीब 10 माह की दोस्ती के बाद दिसंबर 2013 में दोनों ने शादी का फैसला लिया और घरबालों ने अरैंज मैरिज करा दी। युवती ने बताया कि शादी के छह माह बाद उसे पति की सच्चाई का पता चला। सौरभ मात्र 12वीं पास है और वह अनुसूचित जाति का है। सच्चाई की जानकारी होने पर उन्होंने इसका विरोध किया, तो ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित युवती का आरोप है कि पति और सास ससुर के अत्याचार के खिलाफ जब भी उसने पुलिस शिकायत करने के बात कही तो ससुराल वालों ने दुर्घटना करा के जान से मारने की धमकी दी।
थानाध्यक्ष इंदिरापुरम शीलेष यादव ने बताया कि युवती की शिकात पर सौरभ उसके पिता राजेश और माता सुनीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
लापता हैं लाजपतराय कालेज केे प्राचार्य
साहिबाबाद, (प्रमुख संवाददाता)
गौरतलव है कि चार सितंबर की शाम एलआर कालेज के संविदाकर्मी रणजीत झा ने अपने घर में फांसी लगा ली थी। सुसाइड नोट में इसके लिए कालेज प्राचार्य संजयदत्त कौशिक तथा बडे़ बाबू भूदेव शर्मा को जिम्मेदार ठहराया था। छह सितंबर को पीड़ित परिवार वालों द्वारा काफी हंगामे के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। ओरोप है कि कालेज कर्मी की आत्म हत्या के प्रकरण की जांच पुलिस ने भी ठंडे बस्ते में डाल रखी है। पुलिस ने अब तक इस मामले में नामजद कालेज प्राचार्य व कार्यालय अधीक्षक की गिरफ्तारी तो दूर उन्हें पूछताछ के लिये भी नहीं तलव किया है। रणजीत झा के परिजनों ने पुलिस की इस धीमी गति से चल रही जांच पर असंतोष जाहिर किया है। फिल हाल परिवार के लोग मृत आत्मा की शांति आदि के लिये किये जाने बाले संस्कार पूरे करने अपने पैत्रृक गांव बिहार गये हुए हैं। वहां से आने के बाद उनकी योजना कालेज प्रवंध समिति के सामने पेश होकर कालेज में हो रही कथित अंधेरगर्दी को बताने तथा पुलिस के बड़े अधिकारियों से शिकायत कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग रखेंगे।
आत्म हत्या प्रकरण से कालेज प्रवंध समिति पर भी अंगुलियां उठ रहीं हैं कि आखिर शिक्षा के मंदिर में ये हो क्या रहा है? यहां यह भी गौर तलब है कि कालेज के प्रवंधक पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ हैं तथा अव र्पीिड़त परिवार का केबल प्रवंध समिति पर ही भरोसा बचा है कि वह क्या फैसला लेती है? रणजीत के भाई रणधीर झा ने बताया कि वे लोग शनिवार सुबह बिहार से वापस आ जाएंगे। उसके बाद पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले की शिकायत करेंगे। उनका आरोप है कि पुलिस शुरुआत से ही मामले को दबाने में लगी रही है। काफी हंगामा करने के बाद पुलिस अधिकारियों ने तहरीर हाथों में थामी फिर रिपोर्ट लिखने में घंटों लगा दिये।
दूसरी ओर थानाध्यक्ष साहिबाबाद सुरेंद्र सिंह ने बताया कि शुरूआती पूछताछ की गयी है तथा सारे मोले को समझ कर विधिक कार्यवाही की जायेगी। शिथिलता नहीं बरती जायेगी।




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