मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के विभाग छीनने के बाद बुधवार को सुबह चुप्पी तोड़ी। उन्होंने सपा के राज्यसभा सांसद अमर सिंह का नाम लिए बगैर कहा कि जब बाहर से दखलंदाजी होगी तो भला सरकार कैसे चलेगी। उन्होंने ये भी कहा कि यह परिवार का झगड़ा नहीं है बल्कि सरकार का झगड़ा है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने सभी सरकारी कार्यक्रम स्थगित कर दिए।
अचानक दोपहर करीब 12 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से पत्रकारों को अपने सरकारी आवास पांच-कालीदास मार्ग पर बुलाया गया। वहां एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यह आपको सपा परिवार का झगड़ा लगा रहा है। यह परिवार का झगड़ा नहीं है बल्कि सरकार का झगड़ा है। उन्होंने कहा कि जब घर के बाहरी लोग दखलंदाजी करेंगे तो भला सरकार कैसे चलेगी। उनका संकेत सपा के राज्यसभा सांसद अमर सिंह की ओर था।।अखिलेश ने कहा कि आखिर परिवार में सब सपा मुखिया नेताजी की बात मानते हैं। सब मानेंगे भी...। मैंने भी नेता जी के कहने पर कई बातें मानी हैं लेकिन कुछ फैसले मैं अपने आप भी करता हूं। आखिर मुख्य सचिव दीपक सिंघल को किसने हटाया? या मंत्रियों को किसने हटाया? यह सब लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव को मालूम है। क्या वह शाम को मुलायम सिंह यादव से मिलने दिल्ली जाएंगे? इस सवाल का जवाब वह टाल गए।
उधर, दोपहर करीब 1.35 बजे सैफई से दिल्ली पहुंचे कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह नाराज नहीं हैं। नेताजी जैसा कहेंगे वह वैसा ही करेंगे। नेता जी से बात करने के बाद ही अगला फैसला करेंगे।
सैफई में शिवपाल ने तोड़ी चुप्पी
सैफई में बुधवार को प्रदेश के कद्दावर मंत्री शिवपाल सिंह ने समाजवादी पार्टी में जारी घमासान को लेकर चुप्पी तोड़ी। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों का बंटवारा मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। वह किसी का कोई भी मंत्रालय ले सकते हैं। जहां तक मेरा सवाल है नेताजी (मुलायम सिंह) से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लूंगा।



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