सीवान के चर्चित तेजाब कांड में हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार सुबह वह भागलपुर जेल से रिहा हुए. उन्हें कुछ दिनों पहले पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के आरोपों में घिरने के बाद सीवान से भागलपुर जेल शिफ्ट किया गया था. शहाबुद्दीन यहां अति सुरक्षित टी-सेल के अस्पताल वार्ड में बंदी थे. जेल से रिहा होने के बाद शहाबुद्दीन 1300 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान रवाना हुए. राज्य सरकार के कई मंत्री और विधायक भी शहाबुद्दीन की अगुवानी के लिए पहुंचे.
भागलपुर जेल में बंद शहाबुद्दीन के स्वागत के लिए रात से ही समर्थक जेल के बाहर जमा थे. साल 2014 के राजीव रोशन हत्याकांड में शहाबुद्दीन को जमानत मिली है, जिसके बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया था. राजीव रोशन 2004 में दो भाइयों गिरिश राज और सतीश राज की हत्या के मामले में गवाह था.
भागलपुर जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा कि ‘लालू यादव ही मेरे नेता है. नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं. सब जानते हैं कि मुझे फंसाया गया है’.
बीजेपी ने शहाबुद्दीन की रिहाई को बिहार में जंगल राज की वापसी बताया है. बीजेपी का कहना है कि शहाबुद्दीन की रिहाई से फिर से दहशत का माहौल बनेगा. शहाबुद्दीन की रिहाई को लेकर दिनभर भागलपुर में अलग-अलग गतिविधियां होती रही. एसएसपी मनोज कुमार ने खुद विक्रमशिला सेतु तक की सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस की गाड़ी लगातार गश्त करती रही. शहर में सांसद के समर्थकों ने होटल के कई कमरे बुक करा रखे थे. तिलकामांझी चौक के दो होटलों सहित कचहरी चौक और स्टेशन चौक के पांच होटलों में सीवान सहित अन्य जगहों से आये समर्थकों के लिए कमरे बुक कराये गये थे.
पूर्व सांसद शहाबुद्दीन पर करीब 36 मामले दर्ज हैं. 35 मामलों में उन्हें पहले में ही बेल मिल गई थी. एकमात्र तेजाब कांड मामले में वे जेल में थे, जिसमें भी जमानत मिलने के बाद अब भागलपुर जेल से उनकी रिहाई हो गई.
भागलपुर जेल में बंद शहाबुद्दीन के स्वागत के लिए रात से ही समर्थक जेल के बाहर जमा थे. साल 2014 के राजीव रोशन हत्याकांड में शहाबुद्दीन को जमानत मिली है, जिसके बाद जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया था. राजीव रोशन 2004 में दो भाइयों गिरिश राज और सतीश राज की हत्या के मामले में गवाह था.
भागलपुर जेल से बाहर आने के बाद शहाबुद्दीन ने कहा कि ‘लालू यादव ही मेरे नेता है. नीतीश कुमार परिस्थितियों के मुख्यमंत्री हैं. सब जानते हैं कि मुझे फंसाया गया है’.
बीजेपी ने शहाबुद्दीन की रिहाई को बिहार में जंगल राज की वापसी बताया है. बीजेपी का कहना है कि शहाबुद्दीन की रिहाई से फिर से दहशत का माहौल बनेगा. शहाबुद्दीन की रिहाई को लेकर दिनभर भागलपुर में अलग-अलग गतिविधियां होती रही. एसएसपी मनोज कुमार ने खुद विक्रमशिला सेतु तक की सुरक्षा-व्यवस्था का जायजा लिया. पुलिस की गाड़ी लगातार गश्त करती रही. शहर में सांसद के समर्थकों ने होटल के कई कमरे बुक करा रखे थे. तिलकामांझी चौक के दो होटलों सहित कचहरी चौक और स्टेशन चौक के पांच होटलों में सीवान सहित अन्य जगहों से आये समर्थकों के लिए कमरे बुक कराये गये थे.
पूर्व सांसद शहाबुद्दीन पर करीब 36 मामले दर्ज हैं. 35 मामलों में उन्हें पहले में ही बेल मिल गई थी. एकमात्र तेजाब कांड मामले में वे जेल में थे, जिसमें भी जमानत मिलने के बाद अब भागलपुर जेल से उनकी रिहाई हो गई.



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