बिहार के राष्ट्रीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी की ससुराल में हत्या - National football player killed by in-laws in Bihar

महिला फुटबॉल खिलाड़ी अनिशा कुमारी आनंद का उनके ससुराल वालो ने प्रताड़ित कर जान से मार डाला हैं. जान से मारने के बाद इस राष्ट्रीय स्तर की खिलाडी के मौत को उनके ससुर ने आत्महत्या बताया हैं.  रविवार की सुबह मृतक के ससुर सुरेंद्र सिंह ने फोन करके बताया कि अनिशा ने सुसाइड कर लिया है. इस पर पूरा परिवार नालंदा के हिलसा से पटना के दीघा गेट नंबर-87 बेटी के घर पहुंचे. वहां देखा कि बेडरूम में पंखे से बेटी की लाश लटक रही है. उसका पैर बेड पर था, इस पर मायके वाले ने तत्काल पुलिस को बुलाया.
नालंदा  के अनिशा की शादी पटना के अभिषेक आनंद से इसी साल 14 फरवरी (वेलेंटाइन डे) को हुई थी. उसके बाद ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जाता था, पर वह न थाने गयी और न ही किसी की  मदद ली. वह सबकुछ बरदाश्त करती गयी और 11 सितंबर, 2016 को उसे मौत के घाट उतार दिया गया. घटना को सुसाइड का रंग देने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया, लेकिन घटना स्थल की स्थिति से सुसाइड पर सवाल खड़े हो गये. वहीं मृतका के मायके वालों ने सीधे तौर पर गला दबा कर हत्या करने का आरोप लगाया है.

मृतका के पिता के आवेदन पर दीघा थाने में पति अभिषेक आनंद, आदित्य आनंद समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. वहीं एफएसएल ने घटना स्थल से जांच के नमूने लिये.

 प्रथम दृष्टया जांच में मौत संदिग्ध है. पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम व  एफएसएल रिपोर्ट के मुताबिक केस का अनुसंधान होगा. परिवार वालों से थाने पर  देर रात तक पूछताछ हुई. हिलसा में ही जायसवाल एजेंसी के नाम से मौजूद  फर्टिलाइजर में मृतका के पिता मैनेजर हैं. उन्होंने कड़ी कार्रवाई की मांग  की है.

मृत अनिशा कुमारी आनंद का पति अभिषेक आनंद सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पोस्टेड है. उसकी पोस्टिंग नागपुर में है. वह 10 अक्तूबर को आने वाले हैं. उसने पत्नी से बोला था कि वह आयेगा, तो उसे साथ ले चलेगा, लेकिन अनिशा ने अपने घरवालों को बताया था कि उसके सुसराल वाले उसे पति के पास नहीं जाने देंगे, वह रोक रहे हैं. इस बात को लेकर परिवार में तनाव था.

अनिशा ने शनिवार की रात को अपनी बहन बबली के पास दो बार फोन किया था. उसने बताया था कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है, इसके पहले भी प्रताड़ना की बात मायके पहुंची थी, लेकिन सबने इसे पारिवारिक समस्या मान कर टाल दिया था.  
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