‘चाय पर चर्चा’ से अखिलेश-शिवपाल में सुलह, पार्टी वर्कर्स ने अमर सिंह का पुतला फूंका "Tea" discuss reconciliation in Akhilesh-Shivpal, party workers burnt effigies of Amar Singh

लखनऊ, ( संवाददाता )   सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के सीधे दखल के बाद पार्टी में 6 दिन से चल रही पारिवारिक कलह खत्म होने के संकेत हैं। शनिवार का दिन कुनबे के लिए गहमागहमी वाला रहा। सीएम अखिलेश यादव ने नाराज चाचा शिवपाल सिंह के घर जाकर चाय पी। बाद में कहा- पार्टी में कोई कलह नहीं, सब ठीक है। पार्टी दफ्तर पर हंगामा हुआ तो मुलायम ने अखिलेश समर्थकों को डांटते हुए कहा- खून से पार्टी को सींचा है, तमाशा नहीं होने दूंगा। देर शाम अखिलेश को पार्टी पार्लियामेंट्री बोर्ड का चेयरमैन बना दिया गया। शिवपाल को PWD छोड़कर सारे विभाग लौटा दिए गए। 
सुलह के संकेत देने के लिए अखिलेश चाचा शिवपाल के घर चाय पीने पहुंचे। खुद मीडिया को जानकारी दी। पत्नी डिंपल भी साथ थीं।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुलायम सिंह के कहने पर अखिलेश और डिंपल शिवपाल के घर गए थे।  बाद में मीडिया से कहा- पार्टी में अब सब ठीक है। हमारे बीच कोई मतभेद नहीं हैं। सियासत मजाक नहीं हैं। चाचा को प्रदेशाध्यक्ष बनने पर बधाई दी 
 एसपी हेडक्वॉर्टर के बाहर सीएम और शिवपाल के समर्थक भिड़े। मुलायम को खबर लगी तो दोनों को बुलाया। इसके बाद अखिलेश के समर्थकों को डांट पिलाई।  मुलायम ने पूछा, “शि‍वपाल के वि‍भाग क्‍यों लि‍ए और बलराम को क्‍यों नि‍काला? झगड़ा था तो सुलझा लेते। मैंने पार्टी को खून से सींचा है, ये तमाशा नहीं होने दूंगा। शि‍वपाल ने भी बहुत दर्द सहा है, बहुत मेहनत की है।'
 पार्टी वर्कर्स ने दफ्तर के बाहर अमर सिंह का पुतला फूंका। इन लोगों की मांग थी कि चाचा-भतीजा विवाद की जड़ में अमर सिंह का रोल है। अमर को पार्टी से निकाल देना चाहिए। अमर सिंह का पुतला तब फूंका गया जब मुलायम घर पहुंच गए।

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