नई दिल्ली, (वार्ता) केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर के उरी में घातक आतंकवादी हमले के मद्देनजर रविवार को यहां एक उच्चस्तरीय बैठक की और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
सूत्रों के अनुसार सिंह के आवास पर हुई इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के अलावा गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख, केंद्रीय रिजर्व पुलिसबल के महानिदेशक, सैन्य खुफिया महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। उरी में आतंकवादियों के घातक हमले में 17 जवान शहीद हुए हैं और कई घायल हुए हैं।
बैठक के बाद सिंह ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद और आतंकवादी संगठनों को समर्थन और सहयोग दे रहा है जो निराशाजनक है। इसके निश्चित और स्पष्ट संकेत हैं कि उरी में हमला करने वाले लोग उच्च स्तर पर प्रशिक्षित, भारी हथियारों औरअत्याधुनिक उपकरणों से लैस थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एक आतंकवादी देश है और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग किया जाना चाहिए।
इस बीच घातक आतंकवादी हमले को देखते हुए सिंह ने प्रस्तावित रूस और अमेरिका यात्रा टाल दी है। सिंह ने आज ट्विटर पर जारी एक बयान में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, जम्मू कश्मीर की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तथा उरी में आतंकवादी हमले को देखते हुए मैंने रुस और अमेरिका की यात्राएं टाल दी हैं।
सिंह ने कहा कि बैठक के बारे में प्रधानमंत्री को अवगत कराया गया है और राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी गई है। इससे पहले उन्होंने ट्विटर पर कहा कि संबधित अधिकारियों को राज्य की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने हमले में शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि आतंकवादी हमले के जिम्मेदार लोगों को न्याय के समक्ष लाया जाएगा। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी है।
इस बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने उरी में आतंकवादी हमले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि दोषियों को सजा दी जाएगी। इस आतंकवादी हमले के बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अत्यधिक सतर्कता बरतने के आदेश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने के लिए गृह सचिव और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रीय मंत्री ने आतंकवादी हमले के बाद राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और राज्यपाल एनएन वोहरा से बात की है और सुरक्षा स्थिति की जानकारी ली है। आतंकवादी हमले में इतने ज्यादा जवानों के शहीद होने से सेना और सुरक्षा एजेंसियों में चिंता व्यक्त की जा रही है।
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और सेनाध्यक्ष जनरल दलबीर सिंह सुहाग उरी में सेना के मुख्यालय में आतंकवादी हमले के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने श्रीनगर गए हैं।



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