वरूण की हत्या के मामले में पुलिस पर ढिलायी का आरोप Varun alleged laxity of the police in a murder case

                                                              

                                                                   एस0 पी0 चैहान                                                                      
साहिबाबाद, थाना इंदिरापुरम क्षेत्र आदित्य मेगा सिटी, वैभव खंड इंदिरापुरम में 24 अगस्त को रहस्यमय हालत में हुई छात्र वरुण राजपूत की मौत के मामले में पुलिस पर ढिलायी बरतने का आरोप है। इस मामले में परिवारजन मंगलवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व बुधवार को पुलिस महानिदेशक से मिलकर पुलिस की लापरवाही की शिकायत करेंगे। वरुण के परिजनों ने पत्रकारों को बताया कि वे  इंदिरापुरम थाना पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि पुलिस हत्या को आत्महत्या बताने पर तुली हुई है। वरूण की हत्या में नामजद आरोपियों से पूछताछ न होेने तथा उनकी गिरफ्तारी न होने से परिवारजन पुलिस पर ढिलायी के आरोप लगा रहे हैं।
       इंदिरापुरम थाना पर पहुंचे परिवारजनों में मृत छात्र वरुण राजपूत के पिता मदन सिंह राजपूत, मां सुधा सिंह व शुभारंभ फाउंडेशन संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजू सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि थाना इंदिरापुरम पुलिस आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। मदन सिंह राजपूत ने कहा कि इंदिरापुरम पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। इसकी जानकारी उन्होंने फोन पर पुलिस महानिदेशक सैय्यद जावीद अहमद से की है तथा उन्होंने इस मामले में उन्हें बुधवार को लखनऊ मुख्यालय आकर शिकायती पत्र देने को कहा है। वह बुधवार को लखनऊ में पुलिस महानिदेशक से मिलकर वरुण की हत्या के संबंध में मिले साक्ष्यों को प्रस्तुत करेंगे। इससे पहले वे मंगलवार को वह गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सुनील इमेनुएल से मिलकर थाना इंदिरापुरम के विवेचक की शिकायत करेंगे।
        उन्होंने हत्या की पुष्टि करने के लिए  18 बिंदु तैयार किये हैं। यह सूची वह वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व पुलिस महानिदेशक को सौंपेंगे। उन्हीं बिंदुओं पर जांच करने की मांग वे करेंगे। वहीं,  मृतक की माता मंजू सिंह ने कहा कि मामले को करीब एक महीना होने जा रहा है, लेकिन पुलिस नामजद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही,आखिर क्या बजह है? वहीं 22 सितंबर को वरूण का जन्म दिन भी है। अगर वह जिंदा होता तो उनका बेटा  16 साल को पूरा हो जाता, लेकिन उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। 
       दूसरी ओर थानाध्यक्ष शीलेश यादव का कहना है कि वे मामले की जांच हत्या, आत्महत्या या हादसा तीनों पहलुओं से करा रहे हंै। उनका रूख साफ है किसी को न बख्षा जायेगा न बेवजह फसाया जायेगा।


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