भारत में 3 साल बाद कोहली का टेस्ट शतक, टीम इंडिया-267/3 - Indore test holkar stadium


न्यूजीलैंड और भारत के बीच 3 टेस्ट मैचों की सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है. पहले दिन का खेल खत्म होने तक टीम इंडिया ने 3 विकेट पर 267 रन बना लिए. कप्तान विराट कोहली 103 रन और अजिंक्य रहाणे 79 रन पर नाबाद लौटे. दिन की उपलब्धि कप्तान विराट कोहली का 13वां टेस्ट शतक रहा, जो भारतीय धरती पर कप्तान के रूप में उनका पहला शतक भी है. उन्होंने मुश्किल समय पर धैर्य से खेलते हुए 184 गेंदों में अपना 13वां टेस्ट शतक जमाया. अजिंक्य रहाणे ने 3 विकेट गिरने के बाद उनका बखूबी साथ दिया और 123 गेंदों में 10वीं फिफ्टी बनाई. कोहली-रहाणे के बीच 167 रन की नाबाद शतकीय साझेदारी हो चुकी है. दूसरे दिन यानी रविवार को दोनों से और बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी...

टीम इंडिया टेस्ट कप्तान कोहली ने भारतीय धरती पर 3 साल बाद टेस्ट शतक लगाया है. यह कप्तान के रूप में भी देश की धरती पर उनका पहला शतक है. आखिरी बार उन्होंने 13 दिसंबर, 2012 को इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टेस्ट में 103 रन बनाए थे. इससे पहले टेस्ट कप्तान के रूप में भारतीय मैदान पर विराट का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 88 रन था, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2015 में फिरोजशाह कोटला में बनाया था.

इस सीरीज में कानपुर में जहां उनका बल्ला खामोश रहा था, वहीं कोलकाता टेस्ट की दूसरी पारी में उन्होंने 45 रन बनाकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए थे. यह शतक 8 पारियों के बाद निकला है. इससे पहले उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ जुलाई, 2016 में दोहरा शतक लगाया था, तब से वह फिफ्टी भी नहीं बना पा रहे थे. इस दौरान उनके अधितम स्कोर 44 और 45 रन रहे. इंदौर में उन्होंने 108 गेंदों में 13वीं फिफ्टी पूरी की, जबकि शतक के लिए 184 गेंदें खेलीं.

टीम इंडिया ने 60 रन पर ही दो विकेट खो दिए थे. इसके बाद 100 के स्कोर पर तीसरा विकेट भी गिर गया. विराट कोहली ने पहले चेतेश्वर पुजारा के साथ 40 रन की साझेदारी की, फिर टीम इंडिया को मुश्किल दौर में संभालते हुए अजिंक्य रहाणे के साथ उन्होंने 167 रनों की नाबाद साझेदारी निभाई.

ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर डीप स्क्वेयर लेग में रहाणे को 11 के स्कोर पर जीवनदान भी मिला, जब उनके पुलशॉट पर मैट हेनरी मुश्किल कैच (सही अंदाजा नहीं लगा पाए) नहीं पकड़ सके. सुबह कप्तान विराट कोहली ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. 2 साल बाद वापसी करने वाले गौतम गंभीर ने शुरुआत तो अच्छी की, लेकिन उसे बनाए नहीं रख सके और 53 गेंदों में 29 रन (3 चौके, 2 छक्के) बनाकर पैवेलियन लौट गए.

कीवी कप्तान केन विलियम्सन ने तेज गेंदबाज के कम प्रभावी होने पर पांचवें ओवर में ही स्पिनर जीतन पटेल को गेंद थमा दी और उनका यह दांव सटीक रहा. पटेल ने टीम इंडिया के ओपनर मुरली विजय (10) को आउट कर 26 रन पर पहला झटका दिया. विजय को टॉम लाथम ने शॉर्ट लेग पर खूबसूरती से लपका. दूसरा झटका अच्छी लय में दिख रहे गौतम गंभीर (29 रन) के रूप में लगा. गंभीर को ट्रेंट बोल्ट ने पगबाधा आउट किया. गंभीर-पुजारा ने मिलकर 34 रन जोड़े. सीरीज में 3 फिफ्टी लगा चुके चेतेश्वर पुजारा से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह चौथी फिफ्टी लगाने से ही चूक गए और 41 रन पर स्पिनर मिचेल सैंटनर की गेंद पर बोल्ड हो गए. पुजारा-कोहली के बीच 40 रन की साझेदारी हुई. बाद में चौथे विकेट के लिए कोहली-रहाणे ने 167 रन नाबाद जोड़कर टीम को कुछ हद तक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है.
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