कैथल, ( न्यूज नेटवर्क ) बलूचिस्तान की प्रोफेसर नायला बलूच ने बताया कि वहां दस साल में 30 हजार से ज्यादा बच्चे, महिलाएं और पुरुष गायब हो चुके हैं। जहां-जहां पाकिस्तानी पुलिस की चौकियां बनती गई, अपराध और जुल्म बढ़ते गए। उन्होंने कहा कि 70 साल के बाद नरेंद्र मोदी के रूप में किसी प्रधानमंत्री ने बलूचिस्तान को उम्मीद की किरण दिखाई है। उनके 15 अगस्त के भाषण के बाद वहां जश्न मनाए गए।
शनिवार को आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार से मिलने पहुंचीं नायला का दर्द फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि बलूचिस्तान में मिलिट्री ऑपरेशन के नाम पर हजारों का कत्लेआम किया जा चुका है। महिलाओं से दुष्कर्म होते है। उन्होंने बलूचिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचार को इंसानियत के लिए खतरा करार दिया। नायला बलूच फिलहाल कनाडा में रह रही हैं। कहती हैं कि वह पूरे विश्व में बलूचिस्तान की आजादी के लिए सुभाष चंद्र बोस की राह पर निकली हैं। उन्होंने हिंदुस्तान को दुनिया का स्वर्ग बताया।
पाक को बड़ा सबक मिले
प्रो. नायला ने कहा कि पहली बार भारत की ओर से पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक के जरिए जवाब दिया गया है। पाकिस्तान को तीनों तरफ से जवाब देने की जरूरत है।



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