राजस्थान, ( न्यूज नेटवर्क ) बदलते दौर में हाइटेक होती रामलीला बेशक दर्शकों में नया रोमांच पैदा करती हो लेकिन इससे कलाकारों की जान कई बार जोखिम में पड़ जाती है। कुछ ऐसा ही हुआ बीकानेर में चल रही एक रामलीला में।
जहां संजीवनी लेने गए हनुमान जी की 50 फुट की ऊंचाई से गिरकर मौत हो गई। घटना के बाद हर्षोल्लास का माहौल एकदम मातम में बदल गया। इसके बाद रामलीला को बंद करा दिया गया। वहीं प्रशासन ने भी मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
जानकारी के अनुसार बीकानेर के 50 साल से हो रही एक रामलीला में 62 साल के धन्नाराम डेलू हमेशा हनुमानजी का किरदार निभाते थे। बताया जाता है कि पिछले 35 सालों से वह रामलीला में अभिनय कर रहे हैं।
इस साल आयोजकों ने रामलीला को हाइटेक रूप देने के लिए हनुमानजी को संजीवनी लाने का दृश्य ऊंचाई से दर्शाने का फैसला लिया। इसके लिए 50 फुट से ऊंची दो बिल्डिंगों के बीच तार बांधकर हनुमानजी के संजीवनी लेकर हवा में उड़ने की व्यवस्था की गई।
संजीवनी ले जाते समय हुआ हादसा, 50 फुट से गिरकर मौत
सोमवार को यह दृश्य दर्शाया जाना था। इसके लिए पूरी तैयारियां की गईं। रात में धन्नाराम हनुमानजी के वेश में बिल्डिंग की छत पर पहुंचे। जिसके बाद उनकी कमर पर संजीवनी बूटी के रूप में जलती हुई लौ दिखाई गई।
इसके बाद वह तार के सहारे से एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग के लिए उड़े, लेकिन इसी बीच उनका संतुलन बिगड़ा और वो एक झटके में ही 50 फुट नीचे आ गिरे। उनके नीचे गिरते ही रामलीला में हड़कंप मच गया।
आनन फानन में धन्नाराम को अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस दर्दनाक वाकये के बाद रामलीला को रोक दिया गया। कुछ लोगों ने इतना खतरनाक दृश्य के दौरान सुरक्षा का प्रबंध न करने पर रामलीला कमेटी के सदस्यों के सामने हंगामा भी किया। प्रशासन तक भी मामले की सूचना पहुंची, मामले में जांच के आदेश दे दिए गए।



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