अखलाक के गांव में तनाव:नेता ने किया आरोपी की मौत का बदला लेने का आह्वान Akhlaq tension in the village: the leader of the call to avenge the death of the accused


  • घर छोड़ रहे मुसलमान!
  • बिसाहड़ा के मुस्लिम परिवारों में भय और दहशत का माहौल है। हालांकि प्रशासन उन्हें कड़ी सुरक्षा मुहैया करा रहा है लेकिन कुछ भी अनहोनी की आशंका उनके मन में घर कर रही है।
नोएडा, ( संवाददाता ) उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के दादरी इलाके के बिसाहड़ा गांव में तनाव बरकरार है। अखलाक की हत्या का आरोपी रविन सिसोदिया का अंतिम संस्कार तीन दिनों बाद भी नहीं किया जा सका है। ‘द हिन्दू’ अखबार ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि बिसाहड़ा के मुस्लिम परिवारों में भय और दहशत का माहौल है। हालांकि प्रशासन उन्हें कड़ी सुरक्षा मुहैया करा रहा है लेकिन कुछ भी अनहोनी की आशंका उनके मन में घर कर रही है। ‘द हिन्दू’ ने गांव के मौलवी दाऊद के हवाले से लिखा है कि प्रशासन मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को सुरक्षा मुहैया करा रहा है, बावजूद इसके लोगों में विश्व हिन्दू परिषद का खौफ है और लोग गांव छोड़कर जा रहे हैं।
रविन ही मौत होने के बाद से ही इस मसले पर हिन्दूवादी संगठनों ने वहां डेरा डाल रखा है। विहिप नेता साध्वी प्राची भी दो दिनों से वहीं जमी हुई हैं। 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों की आरोपी साध्वी ने वहां विरोध कर रहे लोगों को संबोधित किया है और रविन सिसोदिया की मौत का बदला लेने के लिए लोगों को उकसाया है। पुलिस की मौजूदगी में ही कपिल भाटी नाम के एक अन्य स्थानीय नेता ने भी हिन्दुओं को सिसोदिया की मौत का बदला लेने का आह्वान किया है।

इसबीच, हजारों ग्रामीणों ने रवि को शहीद करार देते हुए उसके शव पर तिरंगा रख दिया है और सरकार से एक करोड़ रुपये के मुआवजा देने की मांग लेकर धरना पर बैठे हैं। इसके साथ ही ग्रामीण अखलाक हत्याकांड में नामजद सभी 17 लोगों को तुरंत रिहा करने की मांग कर रहे हैं। इसी कांड में नामजद 22 वर्षीय रविन सिसोदिया की मौत मंगलवार को किडनी और श्वसन तंत्र फेल हो जाने से हो गई थी। इस बीच गांव में विश्व हिन्दू परिषद के नेताओं और गोरक्ष दल के लोगों का जमावड़ा लगा हुआ है।
गौरतलब है कि बीमारी के बाद रविन को पहले उसे नोएडा के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। गांववालों का आरोप है कि रविन और उसके साथ तीन और आरोपियों की जेल में पिटाई की गई है, जिसके बाद रविन को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई। आपको बता दें कि रविन अखलाक की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। पिछले साल सितंबर में मोहम्मद अखलाक की हत्या बीफ खाने के शक में उग्र भीड़ ने पीट-पीटकर कर दी थी।

Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment