पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी केवल गरीब परिवारों को ही दी जानी चाहिए : धर्मेन्द्र प्रधान - Dharmendra pradhan stress on ending subsidy on petro products

 पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने पेट्रोलियम क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के लिए खुली बाजार नीति पर जोर दिया है. उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों का बाजार मूल्य उनकी उत्पादन लागत के अनुरूप होना चाहिए और इनपर सब्सिडी केवल गरीब परिवारों को ही दी जानी चाहिए.

प्रधान ने भारत आर्थिक शिखर सम्मेलन में यहां कहा, ‘‘पेट्रोलियम पदार्थों का बाजार मूल्य उनके उत्पादन मूल्य के करीब होना चाहिए. हमें इस क्षेत्र में बाजार प्रणाली को अपनाना चाहिए. सरकार को दाम नियंत्रण में नहीं रखने चाहिए.’’ मंत्री का यह भी कहना था कि निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में निजी निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों के दाम नियंत्रण मुक्त होने चाहिए और इनका निर्धारण बाजार के अनुरूप होना चाहिए.

उनका मानना है कि सब्सिडी समाप्त किए बिना देश में पेट्रोलियम पदार्थों का उत्पादन नहीं बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि निवेशकों का विश्वास बढ़ाने के लिये यह जरूरी है कि सब्सिडी केवल जरूरतमंद को ही दी जाये. यह सभी को नहीं दी जा सकती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर बहस होनी चाहिये.


वर्तमान में सरकार केरोसिन और रसोई गैस (एलपीजी) पर सब्सिडी देती है. सरकार उपभोक्ताओं को एलपीजी सब्सिडी छोड़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि यह गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले गरीब परिवारों को दिया जा सके.

प्रधान ने यह भी कहा कि सौर और पवन ऊर्जा जैसी अक्षय उर्जाओं का आने वाले समय में भारत इस्तेमाल बढ़ेगा और ऊर्जा साधनों में इनकी भागीदारी बढ़ेगी. उन्होंने कृषि अपशिष्ट को ऊर्जा में बदलने पर भी जोर दिया.

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