बिहार में अफसर और सुपरवाइजर दोनों के लिए एक ही परीक्षा होगी - BPSC will the same test for officers and supervisors

राज्य में अफसरों और सुपरवाइजर ग्रेड की नौकरियों के लिए एक ही परीक्षा ली जायेगी. इसके तहत प्रखंड स्तर पर नियुक्त होनेवाले सुपरवाइजर ग्रेड के पदों पर भरती के लिए  प्रतियोगिता परीक्षा की जिम्मेवारी बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को सौंपी जायेगी. सरकार के स्तर पर इसकी सहमति बन गयी है.

अब अधिकारियों के चयन की परीक्षा के साथ ही सुपरवाइजर ग्रेड के पदों की परीक्षा भी एक साथ संपन्न होगी. प्रतियोगियों को उनके अंक और च्वाइस के आधार पर पदों का आवंटन किया जायेगा. इससे अधिकांश खाली पदों को भरने में आसानी होगी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन की सरकार के कामकाज संभालने के बाद 29 दिसंबर, 2015 को सामान्य प्रशासन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिया था. वर्तमान में राजपत्रित पदों के लिए बीपीएससी और अराजपत्रित पदों के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा आयोजित करता है.

सामान्य प्रशासन विभाग ने जिन विभागों के लिए सुपरवाइजर ग्रेड की परीक्षा बीपीएससी को लेने को कहा है, उनमें खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आपूर्ति निरीक्षक, एससी-एसटी कल्याण विभाग के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग के प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, श्रम संसाधन विभाग के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, सहकारिता विभाग के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, परिवहन विभाग के प्रवर्तन अवर निरीक्षक और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के राजस्व पदाधिकारी एवं समकक्ष ग्रेड के पद शामिल हैं.  सरकार के इस निर्णय से बीपीएससी द्वारा ली जाने वाली प्रतियोगिता परीक्षा में लगभग दो सौ से अधिक पदों की वृद्धि की संभावना है. इन पदों के लिए बीपीएससी की होनेवाली अगली परीक्षा में वेकैंसी को शामिल किया जायेगा. सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारी ने बताया कि सुपरवाइजर ग्रेड के पदों की परीक्षा के लिए  पदों के ब्योरा के साथ बीपीएससी को निर्देश जारी कर दिया गया है.

अब तक अराजपत्रित और सुपरवाइजर ग्रेड की परीक्षा की जिम्मेवारी थी एसएससी की सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारिक सूत्रों ने बताया है कि अब तक इन पदों की परीक्षा की जिम्मेवारी अवर सेवा चयन परिषद की थी. परिषद अराजपत्रित पदों के अलावा सुपरवाइजर ग्रेड के लिए परीक्षा का आयोजन करती है.

फिलहाल अवर सेवा चयन परिषद द्वारा इन पदों के लिए परीक्षा की शुरू हुई प्रक्रिया को ही पूरा करना है. अब आनेवाले समय में बीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल कर लिया जायेगा. राज्य सरकार में फिलहाल तृतीय और राजकीय सेवा के अफसरों के कुल पांच हजार पद खाली हैं.
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