जाम से चाहे जिसको कितनी परेशानी हो, लेकिन इसी जाम ने मणिराम रिक्शेवाले की किस्मत चमका दी।मणिराम को क्या पता था कि उसे अपने रिक्शे के साथ मुख्यमंत्री निवास में कभी जाने का मौका मिलेगा। वह मुख्यमंत्री आवास में गया, वह भी हजारों करोड के मालिक पेटीएम कम्पनी के मालिक के साथ। मणिराम को क्या पता था कि उसके रिक्शे पर बैठने वाला मामूली आदमी नहीं है। वह देश के नामी गिरामी व्यक्ति विजय शेखर हैं।
हुआ यूं कि, उत्तर प्रदेश के सर्वाेच्च नागरिक सम्मान यश भारती ग्रहण करने के बाद श्री शेखर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने उनके सरकारी आवास 5, कालीदास मार्ग जाना था। रास्ते में उनकी कार जाम में फंस गयी। मुख्यमंत्री से मिलने का समय तय था। हो रही देरी के कारण उन्होंने कार छोड़ दी और रिक्शे पर सवार होकर मुख्यमंत्री आवास पहुंच गये।सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट पर रोक दिया। रिक्शेवाला भी अपना भाडा लेकर वापस जाना चाहता था, लेकिन श्री शेखर सुरक्षाकर्मियों की सहमत से रिक्शे के साथ मुख्यमंत्री आवास के अन्दर चले गये। रिक्शेवाला उन्हें छोडकर वापस हो ही रहा था कि मुख्यमंत्री ने उसे बुला लिया।
उन्होंने मणिराम को 6000 रूपये और एक ई-रिक्शा उपहार के रूप में दिया। मणिराम बेहद खुश है। उसका कहना है, ' भैया, हमय बहुत जानकारी नाहीं है, मुला पहलिन बार मिलन हैं और हम मुख्यमंत्री कय मुरीद होइ गयन।'


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