बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन के डायरेक्शन में बनी फिल्म 'शिवाय' एक पिता और बेटी की कहानी है और लीड रोल में अजय देवगन ही हैं। शुरुआत होती है शिवाय (अजय देवगन) और ओल्गा (एरिका कार) के प्यार से। शिवाय एक पर्वतारोही हैं और ओल्गा एक टूरिस्ट, जो बुल्गारिया से आई है।
ओल्गा बुल्गारिया से भारत घूमने के लिए आई है। दोनों के बीच प्यार होता है और कुछ दिनों बाद ओल्गा को पता चलता है कि वो मां बनने वाली है। ओल्गा मां बनकर एक बच्चे की जिम्मेदारी नहीं संभालना चाहती है और बेटी को जन्म देने के बाद बुल्गारिया वापस चली जाती है। शिवाय उस बच्ची को पालता है और उसका नाम रखता है गौरा (एबीगेल एम्स) रखता है। वो गौरा को बताता है कि उसकी मां मर चुकी है, लेकिन एक दिन गौरा को सच्चाई का पता चल जाता है और वो शिवाय से बुल्गारिया चलने के लिए कहती है।
शिवाय गौरा की बात मान जाता है और दोनों ओल्गा से मिलने बुल्गारिया चले जाते हैं। ओल्गा का जो पता शिवाय के पास होता है वो अब वहां नहीं रहती है। शिवाय ओल्गा की तलाश कर रहा होता है कि उसी बीच गौरा का किडनैप हो जाता है। शिवाय को पता चलता है कि बुल्गारिया में बच्चों को किडनैप कर उनको चाइल्ड ट्रैफिकिंग के लिए बॉर्डर पार रूस भेज दिया जाता है।
अब शिवाय के पास सिर्फ 72 घंटे हैं गौरा को बचाने के लिए। गौरा को तलाशने में उसकी मदद अनुष्का (सयेशा सहगल) करती है जो इंडियन अंबेसी में काम करती है। 'शिवाय' फिल्म अपनी कहानी से ज्यादा अपने जबर्दस्त एक्शन सीन और इमोशनल टच की वजह से ज्यादा आकर्षित करती है। एक डायरेक्टर के रूप में अजय देवगन की उपलब्धि यही है कि उन्होंने एक्शन और इमोशन के बीच पूरा तालमेल बैठाने की कोशिश की है। फिल्म थोड़ी लंबी भी है जो कई जगह खटकती भी है। फेस्टिवल सीजन के हिसाब से फिल्म थोड़ी इंटेंस है
अब शिवाय के पास सिर्फ 72 घंटे हैं गौरा को बचाने के लिए। गौरा को तलाशने में उसकी मदद अनुष्का (सयेशा सहगल) करती है जो इंडियन अंबेसी में काम करती है। 'शिवाय' फिल्म अपनी कहानी से ज्यादा अपने जबर्दस्त एक्शन सीन और इमोशनल टच की वजह से ज्यादा आकर्षित करती है। एक डायरेक्टर के रूप में अजय देवगन की उपलब्धि यही है कि उन्होंने एक्शन और इमोशन के बीच पूरा तालमेल बैठाने की कोशिश की है। फिल्म थोड़ी लंबी भी है जो कई जगह खटकती भी है। फेस्टिवल सीजन के हिसाब से फिल्म थोड़ी इंटेंस है


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