मारा पड़ोसी देश पकिस्तान आतंकवाद के पीछे छिपकर अपनी बात मनवाना चाहता है, यह कभी सम्भव नहीं होगा। यह कायरता की पहचान है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के 55वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने आए गृह मंत्री राजनाथ सिंह यह कहकर पाक को चेतावनी दी।
राजनाथ सिंह ने कहा आईटीबीपी की बदौलत भारतीय सीमा में घुसपैठ की घटनाएं 60 प्रतिशत कम हो गई हैं। आईटीबीपी ने चीन की सीमाओं के साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी शानदार काम किया है। किसी मुल्क की हिम्मत नहीं जो हमारे सुरक्षा बलों से सामने आंख उठाकर देख सके। पकिस्तान पर गृह मंत्री ने कहा उनका काम कायराना है। आतंकियों के पीछे छिपकर गोली और बम दागते हैं। छिपकर लड़ाई करने वाला कायर होता है।
शहीदों के परिजनों की सहायता 35 लाख की
राजनाथ सिंह ने ऐलान किया कि अब जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए शहीद हुए जवानों के परिजनों को 35 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब तक 15 लाख की राशि सरकार दे रही थी। हालांकि, यह अब भी कम है। इसे और बढ़ाएंगे। सीमा या किसी मिशन पर गंभीर घायल होकर अयोग्य हुए जवान को 25 लाख की सहायता अब सरकार देगी। अभी 10 लाख की सहायता मिल रही थी।
राजनाथ सिंह ने ऐलान किया कि अब जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए शहीद हुए जवानों के परिजनों को 35 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी जाएगी। अब तक 15 लाख की राशि सरकार दे रही थी। हालांकि, यह अब भी कम है। इसे और बढ़ाएंगे। सीमा या किसी मिशन पर गंभीर घायल होकर अयोग्य हुए जवान को 25 लाख की सहायता अब सरकार देगी। अभी 10 लाख की सहायता मिल रही थी।
महिला टुकड़ी ने किया परेड का नेतृत्व
गृह मंत्री ने परेड की सलामी ली। सबसे आगे आईटीबीपी की महिला टुकड़ी रही। जिसका नेतृत्व सहायक सेनानी डॉक्टर आकांक्षा सिंह ने किया। राजनाथ सिंह ने कहा, मुझे ख़ुशी है कि हमारी बेटियां भी अब कंधे से कन्धा मिलकर देश की हिफाजत कर रही हैं। सीमा पर महिलाओं की तैनाती करने वाला आईटीबीपी देश का पहला सुरक्षा बल है। आने वाले दिनों में महिलाओं की संख्या और बढ़ाई जाएगी।
गृह मंत्री ने परेड की सलामी ली। सबसे आगे आईटीबीपी की महिला टुकड़ी रही। जिसका नेतृत्व सहायक सेनानी डॉक्टर आकांक्षा सिंह ने किया। राजनाथ सिंह ने कहा, मुझे ख़ुशी है कि हमारी बेटियां भी अब कंधे से कन्धा मिलकर देश की हिफाजत कर रही हैं। सीमा पर महिलाओं की तैनाती करने वाला आईटीबीपी देश का पहला सुरक्षा बल है। आने वाले दिनों में महिलाओं की संख्या और बढ़ाई जाएगी।


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