नई दिल्ली, ( नेटवर्क न्यूज ) भारतीय सेना की PAK में मौजूद आतंकी कैंपों पर की गई सफल सर्जिकल स्ट्राइक को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर झूठी कहानी करार दे रहे पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है। एक अंग्रेजी अखबार के खुलासे में कुछ ऐसे चश्मदीद सामने आए हैं जिन्होंने 29 सितंबर को गोलीबारी होने और जिहादी आतंकियों की लाशें ले जाते हुए देखने का दावा किया है। उधर मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक का 90 मिनट का वीडियो सरकार को सौंप दिया है, हालांकि सरकार इसे जारी करेगी या नहीं इस पर अभी भी संशय बना हुआ है।
आतंकियों के शव ले गयी थी सेना
मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार एलओसी के पार रहने वाले कुछ लोगों ने दावा किया है उन्होंने बॉर्डर पार भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक की गतिविधियों या फिर उसके नतीजों को देखा है। उन्होंने बताया है कि 29 सितंबर की सुबह मारे गए लोगों को ट्रकों में भरकर अज्ञात जगह दफनाने के लिए ले जाया गया। कुछ चश्मदीदों ने यह भी दावा किया है कि उन्हें वहां पर भारी गोलाबारी भी सुनाई दी थी जिसने आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया था। चश्मदीदों के मुताबिक भी भारतीय सेना की इस कार्रवाई में करीब 38 से 50 आतंकी मारे गए थे। घटना की गवाही देने सामने आए चश्मदीदों ने फिलहाल सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान जाहिर न करने के लिए कहा है।
सरकार वीडियो जारी नहीं करेगी!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत के तौर पर 90 मिनट का एक वीडियो मोदी सरकार को सौंप दिया है लेकिन इसके सार्वजनिक होने की संभावना फिलहाल न के बराबर है। सरकार पाकिस्तान के उकसावे में आकर ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहती जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसके पक्ष में बना माहौल किसी भी तरह खराब हो। सरकार पहले ही कह चुकी है कि उसे पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत देने की कोई जरुरत नहीं है।



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