गाजियाबाद, ( संवाददाता ) 12 नवम्बर, को जनपद में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को एक महापर्व के रूप में लेकर न्यायिक प्रशासनिक व विभागीय अधिकारी कम से कम एक लाख वादो के निस्तारण की तैयारी करके तदानुसार वादो का चिन्हीकरण कर ले क्योकि बडे लक्ष्य को लेकर ही हम बडी सफलता प्राप्त कर सकते है।
जिला जज रामकृष्ण उपाध्याय ने आज जिला न्यायालय परिसर में 12 नवम्बर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी के सम्बन्ध में आयोजित एक बैठक में यह निर्देश दिये। श्री उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में वादो के अधिकाधिक निस्तारण से जहां न्यायालयों में वादों का बोझ कम होगा वही वादकारियों को त्वरित एवं निशुःल्क न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि मोटर वाहन दुर्घटना, परिवारिक व वैवाहिक मामले दीवानी वाद, विद्युत अधिनियम के वाद, श्रम वाद, स्टाम्प वाद, सेवा सम्बन्धी, भूमि अध्याप्ति, बैंक वसूली, किरायेदारी वाद, पुलिस अधिनियम के अन्र्तगत चालान मनोरंजनकर नगर पालिका/नगर निगम मे लम्बित वादों को सुलह समझौते से निस्तारण कराया जा सकता है। इससे बाद कारियों का अनावश्यक धन व समय व्यय नही होगा और उन्हें तत्काल न्याय मिल पायेगा। जनपद न्यायाधीश ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि वो अपने यहां ऐसे वादों का चिन्हीकरण ले जिन्हे राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारित कराया जा सकता है।
इस अवसर पर सी0जे0एम0 अरबिन्द कुमार यादव अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार, ए0सी0एम0ओ0 संजय अग्रवाल, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण विकास श्रीवास्तव सहित पुलिस मनांेरजन बैक, नगर निगम, परिवहन आदि विभागो के अधिकारी उपस्थित रहे।


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