8 नवंबर के बाद से ही नोटबंदी का लगातार विरोध कर रहे लालू यादव ने मंगलवार को अपना रुख बदल लिया। लालू ने नोटबंदी का समर्थन करते हुए कहा कि उनका विरोध केवल इसे लागू किए जाने में हुई अव्यवस्था और बदइंतजामी से है, ना कि इसके पीछे छुपे मकसद से। नोटबंदी का समर्थन करते हुए अब लालू भी अपनी गठबंधन सरकार के सहयोगी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ खड़े हो गए हैं। विपक्षी दलों में से अभी तक नीतीश ही अकेले थे, जिन्होंने खुलकर ना केवल नोटबंदी का समर्थन किया, बल्कि इस फैसले के लिए मोदी सरकार की तारीफ भी की। इतना ही नहीं, यह नीतीश का ही असर था कि उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) विपक्ष द्वारा बुलाए गए 'जन आक्रोश दिवस' से भी दूर रही।
नीतीश द्वारा नोटबंदी के फैसले के साथ खड़े होने को बिहार की राजनीति में होने वाले संभावित बदलावों का संकेत माना जा रहा था। कयास लगाया जा रहा है कि नीतीश BJP के करीब आ रहे हैं। इन नए घटनाक्रमों और कयासबाजियों के बीच लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मंगलवार को ही नीतीश पर काफी तल्ख बयान भी दिया था। हालांकि बाद में वह अपनी बात को मजाक बता गईं। इन सबके बीच नीतीश मंगलवार को लालू के घर पहुंचे। इसके बाद लालू ने नीतीश की मौजूदगी में ही अपनी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधायकों से कहा कि वह नोटबंदी का तो समर्थन करते हैं, लेकिन केंद्र द्वारा इसे लागू करने में हुई अव्यवस्था और अपर्याप्त तैयारियों के विरोध में हैं।



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