नई दिल्ली ,(वार्ता) केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अगस्ता वेस्टलैंड सौदा घोटाला मामले में पूर्व वायुसेना प्रमुख एस.पी. त्यागी समेत तीन लोगों को आज गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि जांच एजैंसी ने श्री त्यागी के अलावा उनके रिश्ते के भाई संजीव त्यागी एवं वकील गौतम खेतान को भी गिरफ्तार किया है । सीबीआई ने कहा है कि अगस्ता वेस्टलैंड में कुल 3767 करोड़ का सौदा रहा था और रिश्वत मुख्य राशि की 12 प्रतिशत थी। सीबीआई ने वीवीआईपी हैलीकाप्टर घोटाले के सिलसिले में श्री त्यागी से कई दौर की पूछताछ की थी। सीबीआई ने श्री त्यागी से दलालों से कथित रिश्तों, उनके इटली दौरों, हैलीकाप्टर के लिए शर्तों में तब्दीली और संजीव त्यागी से रिश्तों को लेकर कई सवाल किये थे । पूछताछ में त्यागी ने स्वीकार किया था कि उन्होंने अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकाप्टर बनाने वाली कंपनी फिनमेक्कैनिका के वरिष्ठ अधिकारियों से तब मुलाकात की थी, जब सौदे की बातचीत जारी थी। उन्होंने बताया था कि वह 15 फरवरी 2005 को फिनमेक्कैनिका के सीओओ जार्जिया जापा से दिल्ली में मिले थे । सीबीआई सूत्रों ने दावा किया कि त्यागी की सेवानिवृत्ति के दो साल पश्चात वर्ष 2009 में उन्हें कथित रूप से कुछ विदेशी रकम मिली जिसके बारे में उनसे खास तौर पर पूछताछ की गयी। उनसे इस रकम के स्रोत, रकम मिलने की वजह और सेवानिवृत्ति के बाद उनकी इटली यात्राओं के बारे में भी पूछताछ की गई। जांच एजैंसी ने उनके सामने खाते का विवरण पेश किया और उनसे उस पर सफाई मांगी गई।
पूर्व वायुसेना प्रमुख का आरोप है कि उन्होंने हैलीकाप्टर की उड़ान की ऊंचाई सीमा 6000 मीटर से घटाकर 4500 मीटर कर दी जिसके बाद अगस्ता वेस्टलैंड सौदे की दौड़ में शामिल हो गयी, उसके बिना वह बोलियां जमा करने के लिए पात्र नहीं थी। श्री त्यागी ने अपने विरुद्ध लगे आरोपों से इन्कार किया और कहा कि शर्तों में बदलाव, जिससे अगस्ता वेस्टलैंड दौड़ में शामिल हो पाया, एक सामूहिक फैसला था, जिसमें भारतीय वायुसेना, एसपीजी और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सूत्रों ने बताया कि उद्योगपति गौतम खेतान ने सीबीआई पूछताछ में माना था कि आईडीएम इन्फोटेक इंडिया की सब्सिडरी कम्पनी आईडीएफ ट्यूनीशिया को बनाने में अहम् भूमिका अदा की थी। सीबीआई को आईडीएस ट्यूनीशिया में पैसा ट्रांस्फर किए जाने के सबूत मिले थे।



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