नेताओं का चुनाव संसद में धरना पर बैठने के लिए नहीं होता : प्रणब मुखर्जी-President Pranab Mukherjee



नयी दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र में विपक्ष के हंगामे कारण अबतक सुचारू रूप से कोई कामकाज नहीं हो पाया है. आज भी संसद की कार्यवाही स्थगित ही करनी पड़ी. संसद में जारी गतिरोध को देखते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि संसद को बाधित किया जाना कतई स्वीकार्य नहीं है.
उन्होंने कहा कि मैं किसी को व्यक्तिगत रूप से आरोपित नहीं कर रहा हूं लेकिन संसद को बाधित करना अब रोज की बात हो गयी है और यह अभ्यास जैसा हो गया है. उन्होंने कहा कि संसदीय स्वतंत्रा का गलत फायदा नहीं उठाया जाना चाहिए. बहुमत को गतिरोध पैदा करने में शामिल नहीं होना चाहिए, लेकिन अभी बहुमत नारे लगाने, संसद की कार्यवाही बाधित करने और ऐसी परिस्थिति बनाने में जुटा है कि संसद ना चल पाये.रक्षा संपत्ति संगठन की एक बैठक में उन्होंने कहा सांसदों से कहा, ‘‘ईश्वर के लिए, अपना काम करें. आप संसद में कामकाज चलाने के लिए हैं.' संसदीय प्रणाली में गतिरोध कतई स्वीकार्य नहीं है. नेताओं का चुनाव इसलिए नहीं होता है कि वे संसद में धरना पर बैठें. इस अवसर पर उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने की वकालत भी की.pranab mukharjee



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