नयी दिल्ली, ( भाषा) सरकार ने आज बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों से कहा गया है कि वे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के लिए अपेक्षित नकदी उपलब्ध कराएं जिससे किसानों को रिण और जरूरी नकदी तत्काल और बिना किसी रूकावट के प्राप्त हो सके।
लोकसभा में सत्यपाल सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा, ‘‘ विभिन्न क्षेत्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करेंसी नोटों की आपूर्ति भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों में रखी गई तिजोरियों के जरिये की जाती है। बैंकों की ग्रामीण शाखाओं तथा 1.55 लाख डाकघरों में नकदी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाये गए हैं।’’ जेटली ने कहा कि नाबार्ड ने 40 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को लाभ प्रदान करते हुए रबी कृषि कार्रवाइयों के लिए राज्य सहकारी बैकों के जरिये जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों :डीसीसीबी: को अधिकतम 21 हजार करोड़ रूपये उपलब्ध कराये हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों से कहा गया है कि वे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों के लिए अपेक्षित नकदी उपलब्ध कराएं जिससे किसानों को रिण और जरूरी नकदी तत्काल और बिना किसी रूकावट के प्राप्त हो सके।
वित्त मंत्री ने कहा कि 30 करोड़ रूपये के ‘रपे’ डेबिट कार्ड जारी किये गए हैं, उनमें जनधन खाताधारकों को जारी किये गए कार्ड शामिल हैं। इस डेबिट कार्ड का इस्तेमाल आसान बनाने के लिए बैंकों ने 31 दिसंबर 2016 तक लेनदेन में छूट देने का निर्णय किया है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने ‘रूपे काडरे’ के लिए स्विचिंग प्रभारों में पहले ही छूट प्रदान कर दी है।



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