भारत के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब दो :बाजवा Two of India every attack retort: Bajwa




जनरल बाजवा ने कहा कि भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही उकसावे वाली कार्रवाई कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और शोषण से पूरी दुनिया की नजरें हटाने के लिए हो रही हैं।
इस्लामाबाद, ( न्यूज नेटवर्क )  पाकिस्तान के नए आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा ने भी आज कश्मीर का राग अलापा और अपने सैनिकों को सीमा पार से होने वाले हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को कहा। सेनाध्यक्ष बनने के बाद बाजवा ने आज पहली बार सेना को संबोधित किया। इस दौरान बाजवा ने कहा कि भारत की तरफ से किसी भी तरह के हमले को हमारे सैनिक पूरी क्षमता से मुंहतोड़ जवाब देंगे। बाजवा ने कहा, “किसी भी तरह के हमले का पूरी क्षमता के साथ और सार्थक तरीके से माकूल जवाब दिया जाना चाहिए।”
रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय के दौरे के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा स्थिति का जायजा भी लिया। उन्हें LoC पर सैनिकों की तैनाती, युद्ध की स्थिति में हालात से निपटने की तैयारी का लेखा जोखा पेश किया गया। पाक आर्मी की मीडिया विंग इन्टर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने एक वक्तव्य जारी कर बताया कि आर्मी चीफ ने हाल के दिनों में हुए सीजफायर की घटनाओं के मद्देनजर अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। इस दौरान जनरल बाजवा ने कहा कि भारत की तरफ से अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हो रही उकसावे वाली कार्रवाई कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न और शोषण से पूरी दुनिया की नजरें हटाने के लिए हो रही हैं।
गौरतलब है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) मामलों के विशेषज्ञ जनरल कमर जावेद बाजवा ने 29 नवंबर को पाकिस्तान के नए सैन्य प्रमुख का पदभार संभाला था। पद संभालते ही बाजवा ने नियंत्रण रेखा पर तनावपूर्ण हालात को जल्द ही सुधारने का वादा किया था। उन्होंने जनरल राहील शरीफ की जगह ली है। जनरल राहील ने रावलपिंडी में जनरल मुख्यालय (जीएचक्यू) के नजदीक स्थित आर्मी हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में सेना की कमान 57 वर्षीय बाजवा को सौंपी। सैन्यकर्मियों की संख्या के मामले में पाकिस्तान की सेना दुनिया की छठी सबसे बड़ी सेना है।
प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने बाजवा को चार सितारा जनरल के तौर पर पदोन्नत कर सैन्य प्रमुख नियुक्त किया है। राहील ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह सेवा विस्तार नहीं लेंगे और निर्धारित तारीख को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। यह अटकलें थी कि पीएमएल-एन की सरकार अंतिम समय में उन्हें सेवा विस्तार दे देगी और इसके पीछे यह तर्क दिया जा रहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में देश को उनकी जरूरत है।


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