सोशल ट्रेडिंग को दिवालिया घोषित कर गायब होने की फिराक में था अनुभव - Anubhav mittal was planning to declare his company bankruptcy





37 अरब के ऑनलाइन स्कैम मामले में नया खुलासा हुआ है, जिसके मुताबिक अनुभव मित्तल सोशल ट्रेडिंग के नाम पर चल रही कंपनी एब्लेज इन्फो सोल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को दिवालिया घोषित कर गायब होने की फिराक में था. इसलिए अरबों का कारोबार करने के बावजूद इस कंपनी ने आयकर विभाग को सौंपी गई ऑडिट रिपोर्ट में चार करोड़ का घाटा दिखाया था.

कंपनी के खिलाफ यूपी एसटीएफ को अब तक 6000 शिकायतें मिल चुकी हैं. इस कंपनी ने न सिर्फ देश में ठगी की, बल्कि विदेशों में रह रहे लोगों को भी ठगा है. लगातार बढ़ रही शिकायतों की संख्या के बाद एसटीएफ ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है. कंपनी का प्रमोशन करने वाले सेलेब्रिटीज से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है.

जांच अधिकारियों के अनुसार कंपनी दिवालिया होने की तरफ अग्रसर थी. वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए अभी कंपनी की तरफ से आयकर विभाग को बैलेंसशीट देने में समय था. ऐसी आशंका है कि कंपनी इस बार भी घाटा ही दिखाती, जिससे दिवालिया घोषित होने में कोई दिक्कत नहीं होती.

जांच से जुडे अधिकारियों का कहना है कि कंपनी के पास मेंबर्स के अलावा और कहीं से भी पैसा नहीं आ रहा था. इसी पैसे को कंपनी अपना कमीशन और खर्चे काटकर लौटा रही थी. मैंबर्स के इसी पैसे को कंपनी ने अन्य जगहों पर डायवर्ट किया है, जिसके बारे में पता लगाया जा रहा है.

एसटीएफ की टीम ने गाजियाबाद और नोएडा स्थित कंपनी के ठिकानों सहित कई जगहों पर छापेमारी की है. इसमें एसटीएफ ने कुछ डिजिटल सबूत भी बरामद किए हैं. अनुभव मित्तल से संबंधित कुछ अहम दस्तावेज भी एसटीएफ के हाथ लगे हैं.

कंपनी में पैसा निवेश करने वाले लोगों से पूछताछ के दौरान जांच अधि‍कारियों के सामने कई लोगों ने स्वीकार किया है कि पैसा जमा करते ही जिस प्रकार की शर्त लगाई गई, उसी से उन्हें आभास हो गया था कि वे ठगी का शिकार हो गए हैं. जब तब पैसा मिल रहा था उसे लेने के चक्कर में किसी ने अधिकारियों से शि‍कायत नहीं की थी.

जांच से जुडे अधिकारियों का मानना है कि यह मामला देश के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में से एक है. इसलिए इसकी जांच में समय लगेगा. अधिकारी इस बात से राहत महसूस कर रहे हैं कि एसटीएफ की तरफ से जो आईडी शिकायत करने के लिए दी गई हैं, उन पर शिकायतों के साथ लोगों के सुझाव भी आ रहे हैं,

इसमें कई साइबर एक्सपर्ट भी शामिल हैं. वह एसटीएफ को बता रहे हैं कि जांच को किस तरीके से आगे बढ़ाया जाए, जिससे आरोपी किसी भी हाल में कानून के शिकंजे से बाहर न निकल सके.

Share on Google Plus

0 comments:

Post a Comment