BSSC पेपर लीक: परमेश्वर के मोबाइल ने खोले कई राज BSSC paper leak: God's mobile has opened many secrets



पटना, ( न्यूज नेटवर्क  )  बीएसएससी पर्चा लीक प्रकरण में नया मोड़ आ गया है। रिमांड पर आए बोर्ड के पूर्व सचिव परमेश्वर राम के मोबाइल से एसआईटी को बिहार के मंत्री-विधायक, पूर्व सांसद और एक बड़े आईएएस अफसर के नंबर मिले हैं।

इस बार जिस आईएएस का नाम सामने आया है उनकी चर्चा पहले नहीं हुई थी। इसका खुलासा तब हुआ जब परमेश्वर के मोबाइल के डाटा को रिकवर किया गया। एसआईटी ने सॉफ्टवेयर की मदद से यह डाटा रिकवर किया। इससे पता चला है कि राजनीतिक गलियारे से भी दर्जनों बार परमेश्वर के पास पैरवी आई। एक पूर्व सांसद का भी नाम इसमें है जिन्होंने अपने करीबियों के लिए पूर्व सचिव से कई बार पैरवी की। उन्होंने अलग-अलग अभ्यर्थियों के नाम भेजे हैं। वे उत्तर बिहार से सांसद रहे थे।

सबसे ज्यादा पैरवी जेल में बंद आनंद शर्मा ने की : सबसे ज्यादा करीब 35 अभ्यर्थियों की पैरवी जेल में बंद आनंद शर्मा के मोबाइल से की गई है। आनंद शर्मा जमीन कारोबारी है। परमेश्वर को भी इसने जमीन दिलाई थी।

सौ से अधिक अभ्यर्थियों की हुई पैरवी : मोबाइल में सौ से अधिक अभ्यर्थियों के नंबर मिले हैं। एसआईटी सूत्रों की मानें तो 5 अभ्यर्थियों से गुरुवार को पूछताछ भी हो गई है। उन्होंने अपने पैरवीकारों के नाम का खुलासा किया है। संभव है एसआईटी जल्द ही उनपर शिकंजा कसे। उनके नाम भी कागज पर एसआईटी ले आई है।

वकील ने कहा, रिमांड पर देने से पहले आवेदन पर सुनवाई हो

सुधीर कोर्ट में पेश, रिमांड नहीं देने की लगाई गुहार

बीएसएससी के निलंबित अध्यक्ष सुधीर कुमार ने गुरुवार को विशेष न्यायाधीश से एसआईटी को पुलिस रिमांड पर नहीं देने की गुहार लगायी है। गुरुवार को सुधीर निगरानी के विशेष कोर्ट में पेश हुए।

सुधीर के वकील ने निगरानी की विशेष कोर्ट में आवेदन दायर किया है जिसमें विशेष न्यायाधीश ब्रज मोहर्न ंसह से गुहार लगायी गयी है कि एसआईटी को पुलिस रिमांड न दिया जाए। रिमांड देने से पहले उनके आवेदन पर सुनवाई की जाए।

आवेदन में कहा गया है कि 24 फरवरी 2016 को एसआईटी ने गिरफ्तार किया था और तभी से वे न्यायिक हिरासत में जेल में हैं। इधर, खबर मिल रही है कि एसआईटी सुधीर कुमार से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। कानूनन 15 दिनों के अंदर ही अभियुक्त से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर ले सकती है। जबकि सुधीर कुमार पिछले 22 दिनों से न्यायिक हिरासत में फुलवारी जेल में हैं। वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट के एक केस का हवाला भी दिया गया है।

सुधीर कुमार के वकील ने विशेष न्यायाधीश से अनुरोध किया कि अगर एसआईटी पुलिस रिमांड के लिए आवेदन देती है तो इससे पहले उनके आवेदन पर सुनवाई करने का मौका दिया जाए।

मिलने के लिए परिजन रहे मौजूद : आरोपितों से मिलने के लिए उनके परिवार वाले, दोस्त समेत कई लोग कोर्ट आए हुए थे। पेशी के दौरान निगरानी कोर्ट के बरामदे और कोर्ट परिसर में काफी भीड़ थी। जबतक अदालती कार्य पूरा नहीं हुआ तब तक उन्होंने अपने परिवार और पैरवीकारों से मिल कर बातचीत की।

सुनवाई
-बेउर जेल से परमेश्वर समेत 28 आरोपितों को किया गया पेश 
-निगरानी कोर्ट में आरोपित ने दायर किया आवेदन

22 दिनों से न्यायिक हिरासत में हैं सुधीर
15 दिनों के अंदर ही लिया जा सकता है रिमांड पर
आनंद शर्मा के खातों का पता चला

जेल से पेशी
फुलवारी जेल प्रशासन ने गुरुवार को सुधीर कुमार को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया था। वहीं बेउर जेल प्रशासन ने बीएसएससी के तत्कालीन सचिव परमेश्वर राम और स्कूल संचालक रामाशीष यादव समेत 28 आरोपितों को बेउर जेल से निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया। निगरानी के विशेष न्यायाधीश ब्रज मोहर्न ंसह ने इन सभी की न्यायिक हिरासत की अवधि को 30 मार्च तक बढ़ाते हुए जेल भेज दिया।

नहीं हो सकी मुलाकात
निगरानी कोर्ट में आरोपितों की पेशी हुई। पर निलंबित अध्यक्ष सुधीर कुमार और तत्कालीन सचिव परमेश्वर राम का आमना-सामना नहीं हो पाया। जानकारी के अनुसार, फुलवारी जेल प्रशासन ने कोर्ट खुलने के कुछ देर बाद ही सुधीर कुमार को पेश कर दिया और अदालती कार्य कर तुरंत भेज दिया। वहीं, बेउर जेल प्रशासन ने दोपहर में परमेश्वर राम समेत 28 आरोपितों को कोर्ट में पेश किया। इसलिए आमना-सामना नहीं हो सका।

आईएएस ने भाई की पत्नी के लिए की थी पैरवी 
एक नामी-गिरामी आईएएस अधिकारी ने अपने बड़े भाई की पत्नी के अलावा एक अन्य अभ्यर्थी की पैरवी एएनएम की परीक्षा के लिए की थी। अधिकारी के भाई की पत्नी अभी भी संविदा पर एएनएम के पद पर कार्यरत है। परमेश्वर के मोबाइल में इतनी पैरवी आई है कि इसे देखकर एसआईटी भी हैरान है। अब इस बात की जानकारी ली जा रही है कि जिन लोगों की पैरवी विधायक-मंत्री व आईएएस ने की, उनका चयन हुआ या नहीं।

छोटा व पुराना मोबाइल रखते थे परमेश्वर राम
परमेश्वर जान-बूझकर छोटा और पुराना मोबाइल रखते थे। एक्सपर्ट से एसआईटी को यह भी जानकारी मिली है कि बीएसएससी पर्चा लीक प्रकरण सामने आने के बाद पूर्व सचिव के साथियों ने उन्हें मोबाइल के मैसेज डिलीट करने की सलाह दी थी। परमेश्वर ने कई मैसेज डिलीट भी कर दिए थे लेकिन सॉफ्टवेयर से उसे रिकवर कर लिया गया।

100 से ज्यादा अभ्यर्थियों की हुई थी इंटर स्तरीय परीक्षा और एएनएम के लिए पैरवी 
-मोबाइल के डिलीट डाटा को रिकवर करने से खुलासा 



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