हार्दिक पटेल के मामले में जांच संबंधी अधिकारी के बाहर होने से समर्पण करने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं - Gujrat police not arrested hardik patel





अहमदाबाद: गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल सोमवार सुबह अहमदाबाद क्राइम ब्रांच पहुंचे. दो मकसद लेकर वो पहुंचे थे. एक तो उन्हें राजद्रोह मामले में जमानत के नियम के तौर पर हर सोमवार क्राइम ब्रांच में हाजरी लगाना अनिवार्य है, सो वो हाजरी लगाने भी पहुंचे थे. साथ ही कुछ दिन पहले अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके के भाजपा पार्षद परेश पटेल ने हार्दिक पटेल समेत कुछ पटेल युवाओं पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनके घर पर देर रात हमला किया, उन्हें जान से मारने की धमकी दी और साथ में काफी अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया.

उन्होंने स्थानीय पुलिस में इसे लेकर एक एफआईआर भी दर्ज कराई थी. इस मामले में पुलिस ने हार्दिक के साथ के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जमानत पर छोड़ भी दिया था. हालांकि हार्दिक पटेल की अब तक इस मामले में गिरफ्तारी नहीं हुई है. हार्दिक ने कहा कि वो इस मामले में समर्पण भी करने आए हैं. लेकिन फिर भी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार नहीं किया.

क्राइम ब्रांच की एसओजी के एसीपी बीसी सोलंकी ने बताया कि हार्दिक पटेल के खिलाफ अहमदाबाद के रामोल पुलिस स्टेशन में दंगा करने का मामला दर्ज है. हार्दिक पटेल समर्पण करने आए थे लेकिन उस मामले के जांच अधिकारी किसी अन्य जांच में व्यस्त हैं और शहर से बाहर तफ्तीश के लिए गए हैं. इसलिए उन्हें फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है. जांच अधिकारी के वापस लौटने पर उनसे पूछताछ करके उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा.

लेकिन हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया कि बुधवार को भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख अमित शाह अहमदाबाद आ रहे हैं तो उससे पहले उन्हें गिरफ्तार करने की ये भाजपा की चाल है. हालांकि उन्होंने कहा कि वो अहिंसक आंदोलन चला रहे हैं लेकिन फिर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है. जब उनके लोग कोई एफआईआर करते हैं तो किसी कि गिरफ्तारी नहीं होती लेकिन जब भाजपा के लोग आंदोलनकारीयों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करते हैं तो तुरंत कार्रवाई की जाती है.

साथ में उन्होंने ये भी कहा कि ये बात अब स्पष्ट हो गई है कि राज्य में चुनाव नजदीक हैं, इस वजह से आंदोलन से जुडे लोगों पर गलत केस लगाकर उनको या जेल में डाल देना या मुकद्दमे लगा देना तीन चार दिन के लिए जेल में रखकर जमानत देना जैसी कार्रवाई की जा रही है ताकि उन्हें परेशान करके उलझाये रखा जा सके. महत्वपूर्ण बात यह है कि गुजरात में उत्तर प्रदेश में भाजपा की जीत के चलते जल्द चुनावों की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में पाटीदार आंदोलन दोबारा से गर्मा रहा है. इसका चुनावों की तैयारी पर कोई असर पड़ता है या नहीं, ये तो वक्त आने पर ही पता चल पाएगा.

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