नई दिल्ली , केन्द्र सरकार की नौकरियों में आरक्षण मांग रहे जाट आन्दोलनकारी हरियाणा के विभिन्न जिलों और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर पहुंचे। लगभग दस हजार से ज्यादा आन्दोलनकारियों के वाहनों से राष्ट्रीय राजमार्गों पर काफी परेशानी हुई और दैनिक यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए जूझना पड़ा। जाट प्रदर्शनकारी एक दिन के सांकेतिक धरने पर जंतर-मंतर पर पहुंचे हैं।
व्यवस्था कायम रखने के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश की तरफ से आने वाले मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात किये गए हैं। पुलिसकर्मियों ने धौला कुआं के पास आन्दोलनकारी जाटों को रोकने की कोशिश भी की लेकिन ज्यादा संख्या में होने के कारण इन्हें जंतर-मंतर की तरफ बढऩे दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या एक पर सोनीपत, ऌपानीपत, करनाल, जींद व अन्य जिलों से आने वाले प्रदर्शनकारियों के वाहनों की पूरी तहकीकात करने के बाद ही आगे बढऩे दिया गया। कुंडली बार्डर के पास सुरक्षाकर्मियों की भारी तैनाती की गई है।
हमेशा व्यस्त रहने वाले इस राजमार्ग पर इसके चलते भारी जाम लग गया है। जाटों का जंतर-मंतर पर धरना जारी है और आन्दोलनकारी जाटों ने धरने के बाद संसद का घेराव करने की चेतावनी दी है। जाटों की तरफ से कहा जा रहा है कि अगर सरकार सख्त कदम उठाती है तो राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के जाट राजधानी की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को जाम कर देंगे। वहीं हरियाणा के सभी जिलों में भी धरने जारी हैं। कुल 38 धरने हरियाणा में चल रहे हैं।
जंतर मंतर पर आयोजित आज प्रदर्शन के दौरान यशपाल मलिक को आंदोलनकारियों ने जाट रत्न घोषित किया। गौरतलब हो कि हरियाणा में जाटों का धरना और आंदोलन 30 दिन से चल रहा है। इससे पूर्व जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने ऐलान किया था कि दिल्ली पुलिस जिस जगह आंदोलनकारियों को रोकेगी वह सड़क हमारी होगी। वहीं पर आंदोलनकारी बैठ जाएंगे, इसलिए उन्हें रोकने की कोशिश न की जाए। वह सीधे जंतर-मंतर पर आएंगे।
मलिक का दावा है कि निजी वाहनों से करीब 10 हजार जाट आंदोलनकारी दिल्ली पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार उनकी मांग मानने के लिए तैयार नहीं है इसलिए उन्हें दिल्ली आना पड़ रहा है। जाटों ने हरियाणा सरकार के साथ असहयोग आंदोलन भी शुरू कर दिया है। इसके तहत पूरे हरियाणा में जाट कहीं भी बिजली-पानी का बिल नहीं जमा करेंगे और न बैंक का लोन चुकाएंगे। आज जाट अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन देने वाले हैं।



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