जनपद न्यायाधीश द्वारा रिफे्रशर कार्यक्रम का शुभारम्भ Rifersr program launched by District Judge



गाजियाबाद, ( संवाददाता )  सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विकास श्रीवास्तव ने बताया कि एम0सी0पी0सी0 से प्रशिक्षित मध्यस्थगणों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायालय गाजियाबाद में रिफे्रशर प्रोग्राम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश रामकृष्ण उपाध्याय द्वारा किया गया, जिसमें ए0एच0सी0एम0सी0सी0 के प्रशिक्षकगण श्री सन्दीप सक्सेना, श्रीमती राज लक्ष्मी सिन्हा व श्रीमती मृदुला त्रिपाठी द्वारा मध्यस्थगणों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनपद गाजियाबाद के 15 मध्यस्थ एवं जनपद आगरा के 07 मध्यस्थों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षकगण द्वारा मध्यस्थता की परिभाषा व उसके मूल तत्वों के बारे में तथा वैकल्पिक विवाद समाधान के रूप में मध्यस्थता के महत्व के सम्बन्ध में मध्यस्थगणों को जानकारी प्रदान की गयी। मध्यस्थता से होने वाले लाभों तथा मध्यस्थता व अन्य वैकल्पिक विवाद समाधान पद्वतियों के अन्तर को बताया गया। मध्यस्थ की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया गया। 
विवादों को वैकल्पिक व्यवस्था से निवारण का आशय मूलतः उस पद्धति से है जो पराम्परिक न्याय प्रणाली से भिन्न प्रणाली है। वैकल्पिक उपायों में से एक है मध्यस्थता प्रणाली। मध्यस्थता के अनेक लाभ है इससे न्यायालयों में लम्बित मामलों का भार कम हो जाता है तथा न्यायालयों में वाद प्रबन्धन में काफी सुधार आ जाता है। मध्यस्थता एक लचीली प्रक्रिया है। इसमें पक्षों के बातचीत की गोपनीयता बनाए रखने का अपना महत्व है। इसमें एक तीसरा निष्पक्ष व्यक्ति पक्षों को सक्रिय रूप से सहयोग करके उन्हें किसी सहमत हुए समझौते पर पहॅुचाता है। इसमें किसी निर्णय पर पहुॅचने में पक्षों का स्वयं का नियंत्रण होता है, तथा समझौते की शर्ते भी पक्ष स्वयं निर्धारित करते है। माध्यस्थता के माध्यम से पारिवारिक वाद, निषेधाज्ञा, विशिष्टि अनुतोष श्रमिक वाद मकान मालिक एवं किरायेदार सिविल रिकवरी व्यवसायिक झगडे पार्टनरशिप, वैवाहिक, चाइल्ड कस्टडी आदि सिविल केसज व में 498 ए आई पीसी व अन्य कम्पाउण्डेबल अफेन्सेज का निपटारा किया जा सकता है। 
रिफे्रशर प्रोग्राम के उद्घाटन में न्यायाधीशगण श्री समशेर चन्द्र त्रिपाठी, श्री सत्यप्रकाश त्रिपाठी, श्रीमती मचला अग्रवाल श्री अरविन्द कुमार यादव श्री मनोज कुमार मिश्र कोर्ट मैनेजर भी उपस्थित रहे। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 04. व 05 मार्च 2017 तक चलेगा। 









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