पूर्वांचल में इन जातियों की अनदेखी से पलट सकती है बाजी! These nations have a stake in East retracted ignore!



लखनऊ, ( न्यूज नेटवर्क ) उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल में छठे और सातवें चरण के तहत मतदान 4 और 8 मार्च को होने हैं. ऐसे में सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत मतदाताओं को रिझाने में झोंक रखी है.
लेकिन सूबे के पूर्वांचल में कई ऐसी जातियां हैं, जिन्हें सियासी तौर पर कम आंका जाता है. लेकिन पूर्वांचल के हर विधानसभा क्षेत्र में इनकी मौजूदगी है. चूंकि इनकी संख्या कम है हर और ये संगठित नहीं हैं, लिहाजा सियासी दल अति पिछड़ी श्रेणी में आने वाली इन जातियों को वोट बैंक नहीं मानती.मौजूदा चुनाव में भी ये जातियां पार्टियों के एजेंडे से बाहर हैं. न ही कोई इनके मुद्दे की बात करता है और न ही टिकट बंटवारे में ही इन्हें तरजीह मिलती है. ये जातियां हैं-नाई, बिंद, मल्लाह, लोहार, कुम्हार, राजभर, चौहान और काची.यही वजह है कि इस बार बीजेपी ने बसपा के दलित वोट बैंक की काट के लिए इन जातियों को साधने की तयारी की है. इसी क्रम में अमित शाह ने ओम प्रकाश राजभर की पार्टी भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ रही है. इसके साथ बीजेपी का गठबंधन अनुप्रिया पटेल  वाली अपना दल से है. शाह का प्लान है कि दलित, यादव और मुस्लिम के करीब 35 फीसदी वोट के बदले इन अति पिछड़ी जातियों, गैर यादव, ब्राह्मण, राजपूत के करीब 65 फीसदी वोट को अपने पाले में करने की योजना बनाई है.
40 सीटों पर असर डालती हैं ये जातियां
पूर्वांचल के वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, सोनभद्र, मिर्जापुर, आजमगढ़, मऊ, जौनपुर, और भदोही आदि जिलों की करीब 40 सीटों के चुनाव परिणाम पर इन जातियों का असर रहा है.
बिंद: इनकी सबसे ज्यादा जनसंख्या मिर्जापुर और गाजीपुर में हैं. चंदौली और वाराणसी में भी काफी तादाद है. इनकी कुल संख्या 6-7 लाख है. इनका मुख्य कारोबार खेती है. लेकिन ये भूमिहीन है और दूसरों की जमीन पर खेती करके पेट भरते हैं.
चौहान: पूर्वांचल के कई जिलों में इन्हें नोनिया के के नाम से जाना जाता है. मऊ, जौनपुर और गाजीपुर में इनकी जनसंख्या अच्छी खासी है. पूर्वांचल में इनकी आबादी 8-9 लाख है.
राजभर: गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, चंदौली, भदोही, वाराणसी और मिर्जापुर में इस बिरादरी की जनसंख्या करीब 12 लाख है. ये आज भी मछली पालन और खेतीबाड़ी से ही जुड़े हैं.लोहार: पूर्वांचल की अधिकांश सीटों पर इस बिरादरी के 3 से सात हजार वोट हैं. लेकिन इनका कोई भी नेता आज उभर नहीं सका है.
कुम्हार: पूर्वांचल में इनकी जनसंख्या 6-7 लाख तक की आबादी है.
मल्लाह: चंदौली, मिर्जापुर, वाराणसी, आजमगढ़ और बलिया की करीब 32 सीटों पर इस बिरादरी की आबादी 6-7 लाख है.




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