पटना, ( न्यूज नेटवर्क ) आंधी-पानी के साथ हुए तेज बारिश के कारण राज्य में भारी जान-माल की क्षति हुई है। आधिकारिक रूप से 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हजारों एकड़ में लगी फसल नष्ट हो गई। नुकसान की गंभीरता को देखते हुए विशेष बैठक के लिए दिल्ली गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वहीं से इसकी समीक्षा की। आलाधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमानुसार मृतक के परिजनों को चार-चार लाख का अनुग्रह अनुदान उपलब्ध कराया जाए।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार आंधी-पानी के साथ हुई बारिश के दौरान वज्रपात में सबसे अधिक लोग हताहत हुए। 15 लोगों में से आठ लोगों की मौत वज्रपात से हुई। बाकी छह लोगों की मौत तूफान के कारण दीवार, इमारत, पेड़-आदि गिरने से हुई। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सीएम के निर्देश पर जिलाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया गया है। बांका को छोड़ राज्य के सभी जिले इससे प्रभावित हुए हैं। जान-माल की क्षति का आकलन हो रहा है। मंगलवार की देर शाम तक 15 लोगों के मौत की सूचना जिलों से मिली है। इस आंकड़े में वृद्धि भी संभव है। मृतकों के परिजनों को नियमानुसार चार-चार लाख का अनुग्रह अनुदान दिया जाएगा। कृषि विभाग की सहायता से जिलाधिकारी फसल क्षति का आकलन करेंगे।
प्रधान सचिव ने कहा कि मौसम विभाग से बातचीत की जा रही है कि वह सभी मोबाइल धारक उपभोक्ताओं को आंधी-पानी व मौसम खराब होने की सूचना दे ताकि लोग सावधानी बरती जा सके।
मृतकों की सूची
श्रवण कुमार, मनेर,पटना
पीपल कुमार, अस्थावां, नालंदा
धर्मेन्द्र चौधरी व नीतू देवी, सूर्यगढ़ा, लखीसराय
सुनील कुमार, फलका, पूर्णिया
सोनू कुमार, नवीनगर, औरंगाबाद
रामाधार सिंह,करमा भगवान, औरंगाबाद
प्रकाश यादव, सामदा, बेनीपट्टी, मधुबनी
संदीप मंडल, बिरौल, मधुबनी
बिंदेश्वर यादव, कछुआपाल, दरभंगा
मालती देवी, वायसी, सुपौल
सत्य नारायण मंडल, सोता राजवंशी, अररिया
मीणा देवी, मोहनपुरख अंचल, बेगूसराय
चुनचुन देवी, डंडारी, बेगूसराय
नीलम देवी, हवेली खड़गपुर, मुंगेर



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