मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' के रिजल्ट घोषित करने का रास्ता अब साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने रिजल्ट न घोषित करने के मद्रास हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को 'नीट' का रिजल्ट घोषित करने की इजाजत दे दी है. CBSE NEET की चयन प्रक्रिया जारी रख सकती है, जो हाई कोर्ट के आदेश की वजह से रुक गई थी. NEET के ही जरिये देश के सभी मेडिकल कॉलेज में MBBS और BDS में दाखिले होते हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने तय समय और schedule के मुताबिक नीट के रिजल्ट घोषित करने की इजाजत फिलहाल CBSE को दे दी है, लेकिन साथ ही ये कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का जो भी अंतिम फैसला होगा वो मानना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाई कोर्ट को ये निर्देश भी जारी किया है कि वो NEET 2017 से जुड़ी किसी भी याचिका पर सुनवाई नहीं करेंगे. इन सभी मामलों पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.
मद्रास हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ CBSE ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की थी. CBSE ने अपनी अर्जी में कहा है कि इस साल करीब 12 छात्रों ने 'NEET' की परीक्षा दी है और हाई कोर्ट के आदेश की वजह से इन छात्रों का भविष्य अधर में है. सिर्फ डेढ़ लाख छात्रों ने प्रांतीय भाषाओं में परीक्षा दी है. पेपर लीक होने से बचाने के लिए कुछ प्रांतीय भाषाओं में अलग प्रश्न-पत्र दिए गए थे जबकि इंग्लिश और हिंदी में यूनिफार्म प्रश्न पत्र दिया गया था.
नीट के परिणाम 8 जून को घोषित होने थे, लेकिन मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने इस पर रोक लगा दी थी. लाखों छात्र, अभिभावक, मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटीज बेसब्री से नीट के रिजल्ट घोषित किए जाने का इंतजार कर रहे हैं.
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने कई याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए नीट से जुड़ी सभी प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी. इसकी वजह से 24 मई को होने वाले इवैल्यूएशन पर भी रोक लग गई थी. ज्यादातर छात्रों की तरफ से दायर की गई इन याचिकाओं में कहा गया है कि अलग-अलग भाषाओं में परीक्षा दे रहे छात्रों को CBSE ने एक यूनिफार्म प्रश्न पत्र नहीं दिया. इसी तरह की एक याचिका गुजरात हाई कोर्ट में भी लंबित है.



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