सुरक्षा इंतेज़ाम न होने के कारण हुई सफाई कर्मचारियों की मौत Cleaner death due to non-security arrangements




  • दिल्ली सरकार सफाई  कर्मचारियों की जिंदगी के प्रति उदासीन
  • डब्लूयूसीआई ने तुरंत सफाई कामगारों के अतिशोषण को रोकने के लिए ‘असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा कानून, 2008’ को सख्ती से लागू करने की उठायी मांग


नई दिल्ली, ( विशेष संवाददाता )  मजदूर एकता केंद्र (डब्ल्यू.यू.सी.आई) घिटोरनी में सेप्टिक टैंक में घुसकर 4 सफाई कर्मचारियों की दम घुटने से हुई मौत पर दिल्ली सरकार के कामगार-विरोधी रवैये की निंदा करता है| ज्ञात हो कि सफाई कर्मचारियों को कोई भी सुरक्षा साधन नहीं उपलब्ध कराया जाता है, जबकि उन्हें कई बार काफी खतरनाक काम करना पड़ता है| इसी सन्दर्भ में, घिटोरनी में आज 4 सफाई कर्मचारी सेप्टिक टैंक को साफ़ करने उसके अन्दर गये थे, जब अन्दर की ज़हरीली गैस के कारण वो बेहोश हो गये| बाद में उन्हें निकाला गया परन्तु उन्हें बचाया नहीं जा सका| ज्ञात हो कि दिल्ली के ज्यादातर सफाई कर्मचारी ठेके पर काम करते हैं और काफी कम मेहनताना मिलने के कारण उन्हें इस तरह के खतरनाक काम भी करने पड़ते हैं| और-तो-और दिल्ली सरकार जिस पर इस तरह के काम में मानवीय श्रम को प्रतिबंधित कर, इसका तकनीकीकरण करने का दायित्व है, उसके उदासीन रवैये के कारण अक्सर सफाई कर्मचारियों को जान तक गंवानी पड़ती है|
ध्यान देने की बात है असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा कानून, 2008 लागू हो जाने के बावजूद अभी तक सरकार द्वारा उसका खुला उल्लंघन किया जाता है| मजदूरों को मनमाने ढंग से काम करने को मजबूर किया जाता हैं| न्यूनतम मजदूरी से भी कम दाम देकर कामगार का अतिशोषण होता है| डब्ल्यू.यू.सी.आई मांग करता है कि सरकार तुरंत सभी मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दे और असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा कानून, 2008 के प्रावधानों को सख्ती से लागू करे| सभी सफाई कर्मचारियों को पक्का कर उनको न्यूनतम मजदूरी सुनिश्चित किया जाए और इस तरह के खतरनाक कामों में मानवीय श्रम को तुरंत प्रतिबंधित किया जाए|



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